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दिल्ली पुलिस की महिला कांस्टेबल से छेड़छाड़

Wed, 26 Nov 2014 01:28 PM IST
Updated Wed, 26 Nov 2014 01:28 PM IST
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Delhi Police Female Contstable Molested

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महिला पुलिस भी छेड़छाड़ से सुरक्षित नहीं, तो फिर आम महिलाओं की बात ही क्या। दिल्ली हाईकोर्ट ने महिला कांस्टेबल से छेड़छाड़ के एक मामले को गंभीरता से लेते हुए सवाल उठाए हैं कि पीड़िता आरोपियों को सबक सिखाने की बजाए उनके खिलाफ मात्र प्राथमिकी दर्ज करवाकर अपना कर्तव्य पूरा कर ले तो क्या होगा।

सोचिए अगर उन्हें महिला के पुलिस में होने का पता नहीं चलता तो उसका क्या हाल करते। फिलहाल अदालत ने महिला कांस्टेबल व तीनों आरोपियों के बीच हुए समझौते को नामंजूर करते हुए आरोपियों के माता-पिता को तलब किया है।
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मामला न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी की अदालत का है। महिला कांस्टेबल व आरोपी टोनी खान व उसके दो अन्य साथियों ने समझौता होने के आधार पर प्राथमिकी रद्द करने के लिए याचिका दायर की है।
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आरोप है कि मायापुरी थाना क्षेत्र में ड्यूटी खत्म कर रात करीब 10 बजे महिला कांस्टेबल अपने घर जा रही थी। सादी वर्दी में होने के कारण टोनी खान व उसके दो साथियों को पता नहीं चला कि वह कांस्टेबल है।

कांस्टेबल से कहा, पहले सबक सिखाती फिर करती शिकायत

Delhi Police Female Contstable Molested

रिपोर्ट के अनुसार तीनों ने कांस्टेबल से छेड़छाड़ की व उस पर फब्तियां कसीं। यहां तक कि उन्होंने महिला कांस्टेबल का हाथ पकड़ कर उससे अभद्रता की। न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी ने कांस्टेबल से पूछा कि आप पुलिसकर्मी हैं तो फिर आरोपियों को सबक सिखाने की बजाए समझौता क्यों कर रही हैं।

आपको तो पहले इन लोगों को सबक सिखाना चाहिए था उसके बाद प्राथमिकी दर्ज करवातीं। कांस्टेबल ने बताया कि इलाके के बुजुर्गों के कहने पर उसने समझौता किया है। साथ ही उसने बताया कि जब उसने घटना के समय आरोपियों को बताया कि वह पुलिस में है तभी तीनों ने उसे छोड़ा और भाग गए।

अदालत ने कहा यदि आप पुलिस में नहीं होती तो आरोपी क्या करते। क्या इस बात का आभास है। पुलिसकर्मी के कारण ही यह महिला बच पाई है। बचाव पक्ष ने कहा कि तीनों युवा हैं और कम उम्र के आधार पर गलती मानते हुए माफ कर दें।

अदालत ने कहा 20 से 24 वर्ष की आयु के हो चुके हैं और कितने बड़े होंगे। इन तीनों का तो अदालत वह हाल करेगी कि जिंदगी भर याद रखेंगे। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई एक दिसंबर तय की है।

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