हिन्दुत्व मामले में मोहन भागवत को करारा जवाब
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के बयान कि ‘भारत में रहने वाले सभी लोग हिंदू कहे जाएं’ पर सिख समुदाय सहमत नहीं है।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने भागवत के इस बयान की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि हर भारतीय हिंदू नहीं हो सकता है।
सरना ने कहा है कि भारत में कई धर्मों, जातियों के लोग रहते हैं जिनके अलग अलग धार्मिक और सामाजिक विश्वास हैं। सभी को अपने धर्म के अनुसार त्योहार मनाने का अधिकार संविधान ने दिया है।
'केशधारी को हिंदू बताकर सिख धर्म की तौहीन की'
लेकिन भागवत ने इसके पहले सिखों को केशधारी हिंदू बता कर सिख धर्म की तौहीन करने की कोशिश की है और अब पूरे देशवासियों की। उन्होंने यह भी कहा कि एक देश में रहने वालों को राष्ट्रवादी कहा जा सकता है। किसी के धर्म में कोई दूसरा धर्म दखलअंदाजी नहीं करता।
भागवत का बयान देश की एकता और अखंडता को खंडित करने वाला है और उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्होंने मांग की है कि भागवत को इस तरह के बयान देने से रोके ताकि देश की एकता और अखंडता बरकरार रह सके।