पीएम मोदी की मुहिम का असर, निकाह में नहीं लिया दहेज
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अगर सोच सही हो तो दूसरे लोग भी उसके साथ जुड़ जाते हैं। पीएम नरेंद्र मोदी का ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान अब मेवात में भी असर दिखाने लगा है।
15 अगस्त को शिक्षण संस्थाओं और गांव स्तर के कार्यक्रमों में राष्ट्रीय ध्वजारोहण में शिक्षित बालिकाओं को मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल करना, मेवात के लोगों की बदलती सोच का ही परिणाम है।
बृहस्पतिवार को नूंह में पूर्व विधायक हबीबुर्रहमान के स्थानीय निकाय पर दो मेव परिवारों ने एक अहम निर्णय ने एक नया इतिहास रच डाला।
परपंराओं और रिवाज से हुआ निकाह
बता दें कि गांव सालाहेड़ी के पूर्व सरपंच हाजी अब्दुल रहमान ने अपने बेटे शाहजान का निकाह गांव सिरौली निवासी शोहराब खान की बेटी नसीमा बानो संग किया।
इस निकाह की खास बात यह रही कि इस निकाह में कोई दान-दहेज नहीं लिया-दिया गया। पूरी इस्लामिक परपंराओं और रिवाज के अनुसार एक मौलाना ने दोनों पक्षों के बीच में इस निकाह की रस्म पूरी की।
बता दें कि शाहजान मौजूदा वक्त 12 वीं कक्षा में पढ़ रहा है जबकि नसीमा बीए के बाद नर्सिंग का कोर्स कर रही है।