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नई शिक्षा नीति को मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी, एचआरडी अब बना शिक्षा मंत्रालय, 'आत्मनिर्भर भारत' को मिल सकती है जगह
Wed, 29 Jul 2020 02:09 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Wed, 29 Jul 2020 02:09 PM IST
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नरेंद्र मोदी
- फोटो : ANI
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लंबे समय बाद मोदी कैबिनेट ने नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी है। अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय शिक्षा मंत्रालय बन गया है। नई शिक्षा नीति के बारे में शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और प्रकाश जावड़ेकर शाम 4.00 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी जानकारी देंगे।
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कोविड-19 महामारी के चलते नया अकेडमिक सत्र सितंबर-अक्तूबर से शुरू होने वाला है और सरकार का लक्ष्य है कि इसके शुरू होने से पहले नई शिक्षा नीति लागू कर दी जाए।
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हालांकि इस शिक्षा नीति में क्या-क्या होगा इसकी जानकारी तो मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ही मिलेगी लेकिन यह माना जा रहा है कि, कोरोना काल में जिस तरह से पढ़ाई में बाधा उत्पन्न हुई है उसे देखते हुए आने वाले समय में ऐसी समस्याएं पढ़ाई में कोई परेशानी उत्पन्न न करें, इसका इंतजाम हो सकता है।
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हालांकि मानव संसाधन विकास मंत्रालय कह चुका है कि वह आने वाले समय में डिजिटल शिक्षा पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करेगा। यह सीख उसे कोविड-19 महामारी से मिली है। इसके साथ ही आत्मनिर्भर भारत पर भी जोर हो सकता है।
इससे पहले 1 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई शिक्षा नीति 2020 के ड्राफ्ट को रिव्यू किया था, जिसे इसरो के पूर्व प्रमुख के कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता वाले पैनल ने तैयार किया था।
इस नीति को लेकर कुछ गैर-हिंदी भाषी प्रदेशों ने हिंदी को थोपने पर अपनी चिंता जाहिर की थी, तब मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कहा था कि वह इस मुद्दे पर काम करेंगे।
सरकार इस नीति को लेकर कहती रही है कि वह गुणवत्ता वाली शिक्षा और शिक्षा के मूलभूत गुण को विकसित कर शिक्षा में एकरूपता लाना चाहती है। इसके लिए वह एक राष्ट्रीय करिकुलम का निर्माण कर रही जिसमें खेल, कला, पर्यावरण के मुद्दों के साथ ही मल्टी लिंग्विस्टिक स्किल पर जोर होगा।