मोबाईल चिप डिवाईस के जरिये खुद डॉट्स दवा ले सकेंगे मरीज
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आपको जानकर हैरानी होगी कि मोबाईल चिप डिवाईस ऐप के जरिये अब क्षय रोगियों की निगरानी होगी। ये सच है। इस तकनीक के तहत मेवात क्षेत्र के सवा सौ मरीजों का ईलाज अप्रैल में शुरू हुआ है। अब बीच में ये मरीज दवाई नहीं छोड़ सकेंगे।
यदि एक खुराक भी नहीं ली, तो तुरंत डिवाईस सर्वर मुयालय को रिपोर्ट देगा। यही नहीं, जिन मरीजों को बीच में खुराक ध्यान नहीं रही तो उस डिवाईस पर तुरन्त सिगनल आयेगा। याद आते ही मरीज अपनी खुराक वक्त पर ले पायेगा।
इस योजना को केन्द्र सरकार के राष्ट्रीय क्षय रोग नियन्त्रण कार्यक्रम ने स्वीकृति दी है। मेवात क्षेत्र में इसकी शुरूआत एक अप्रैल से हो चुकी है। इस कार्यक्रम को दिल्ली की संस्था जेडएमक्यू ने शुरू किया है। मेवात क्षेत्र के टीबी रोगियों के लिए ये खबर सुखद है। विदित है कि जनवरी 2015 में मेवात के 40 मरीजों पर इस स्कीम का पायलेट किया गया था। इसके बाद 15 फरवरी 2016 को केन्द्रीय टीबी डिवीजन (सीटीडी) ने मंजूरी दी।
वहीं राज्य क्षय रोग नियन्त्रण सोसायटी ने एक मार्च 2016 को मेवात में कार्यक्रम को चलाने की ईजाजत मिली। जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा डॉट्स के इलाज में दी जाने वाली दवाईयां तो ये ही इस्तेमाल होंगी। तकनीक के जरिये दवाई छोड़ने वाले (डिफाल्टर) क्षय रोगियों को दोबारा दवाई शुरू कराना है। इसकी खासबात ये है कि जिलेभर के सवा सौ टीबी रोगियों को संस्था जेडएमक्यू ईलाज पूरा होने तक निशुल्क मोबाईल डिवाइस उपलब्ध कराया है। मोबाईलों में एक चिप ऐप है जिसका संबंध सीधा सर्वर से होगा।
प्रतिदिन मरीज को दवा खाते समय एक बटन दबानी होगी उसके बाद दस सैकेंड़ का विडियो संस्था के मुख्यालय में पहुंच जायेगा। अगर मरीज बटन नहीं दबाता है तो संस्था के क्षेत्रिय कार्यकर्ता मरीज के घर पहुंचकर जानेगें। और दवाई का पत्ता भी चैक करेंगे। इन कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य विभाग दवाईयां मुहैया कराई हैं। विभाग के एसटीएस भी ऐसे मरीजों पर निगरानी रखेंगे।
जेडएमक्यू एनजीओ के डॉ. हिल्मी कुरैशी ने बातचीत में बताया कि मोबाईल डिवाईस ऐप बेहद आसान है। इससे मरीज अपना ईलाज खुद ही कर सकता है। शर्त ये होगी कि सोमवार, बुधवार, शुक्रवार को ली जाने वाली डॉट्स की दवाऐं लेते समय उसे एक बटन दबानी है। अपने आप दवाई खाते वक्त का विडियो बन जायेगा। इस चिप के जरिये पंजीकरण हुए मरीजों का सफलता रेट 99 प्रतिशत है। दो प्रकार के समूह बनाएं इनमें एकांत मोड़ व ग्रुप मोड़ है।
राज्य क्षय रोग डिविजन के चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक रघुवंशी ने फोन पर बातचीत में बताया कि सक्रिय डिवाईस ऐप मोबाईल तकनीक के जरिये दवा लेने पर जोर होगा। बीच में खुराक न छूटे इसकी निगरानी ऐप रखेगा। भारत सरकार की मंजूरी के बाद मेवात में इस तकनीक को शुरू किया गया है। संस्था जेडएमक्यू अपनी लागत से इस कार्य को अंजाम दे रही है।