AAP के बागी बिन्नी ने फिर दिखाए तेवर
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दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी (आप) से निष्कासित विधायक विनोद कुमार बिन्नी के संबंध में विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर रोक बरकरार रखी है।
वहीं बिन्नी के अधिवक्ता ने विधानसभा अध्यक्ष और आम आदमी पार्टी की तरफ से एक ही वकील के पेश होने पर आपत्ति जताई। न्यायमूर्ति विभू बाखरू ने मामले की सुनवाई 31 अक्तूबर तक स्थगित करते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर लगाई गई रोक जारी रहेगी।
बिन्नी के अधिवक्ता ने मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता प्रशांत भूषण के दोनों पक्षों से पेश होने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष निष्पक्ष होते हैं, जबकि आप राजनीतिक पार्टी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार कैसे कह सकती है कि एक ही वकील अध्यक्ष की तरफ से भी पेश हो सकता है।
बिन्नी ने की थी AAP से बगावत
विधानसभा अध्यक्ष एमएस धीर ने 12 फरवरी को अपने निर्णय में कहा था कि विधानसभा में पेश बिल मामले में निष्कासन के बावजूद बिन्नी को आप सरकार द्वारा जारी व्हिप का पालन करना होगा, वरना उनकी सदस्यता रद्द हो जाएगी।
बिन्नी ने फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उन्होंने तर्क रखा उन्हें निर्दलीय सदस्य घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि जब वे आप के सदस्य ही नहीं हैं तो आप की नीतियों का पालन करने के लिए बाध्य किया जा सकता।
बता दें कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार में मंत्री पद न मिलने से नाराज विधायक बिन्नी ने पार्टी से बगावत की थी। बिन्नी ने लोकसभा चुनाव में टिकट न दिए जाने से नाराज होकर पार्टी की मुखालफत की थी, जिसके बाद उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया था।
केजरीवाल ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर विधानसभा भंग कर चुनाव कराने की मांग की है। बीजेपी पर विधायकों के खरीद फरोख्त का आरोप लगाते हुए सबूत के तौर पर स्टिंग ऑपरेशन की सीडी भी भेजी है।
केजरीवाल ने पत्र में लिखा है कि आपसे हुई पिछली दो मुलाकातों में हमने बीजेपी की ओर से विधायकों के खरीदने की कोशिश के बारे में बताया था। अब यह सीडी इसका सबूत है कि वह करोड़ों रुपये देकर विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रहे हैं।
बीजेपी के उपाध्यक्ष शेर सिंह डागर ने आप के विधायक दिनेश मोहनिया को चार करोड़ रुपये देकर खरीदने की कोशिश की। यही नहीं स्टिंग में 4 से 5 विधायकों को खरीदने की बात भी कही गई है।
खरीद फरोख्त को रोकने के लिए दिल्ली में चुनाव जरूरी है। इसलिए आपसे अपील है कि बीते दिनों दिल्ली के एलजी की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के बजाए ताजा स्टिंग को ध्यान में रखते हुए मौजूदा विधानसभा को भंग कर दिल्ली में चुनाव कराए जाएं।