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तीन साल बाद माता-पिता से मिला गुमशुदा बच्चा
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Fri, 08 Jan 2016 06:08 PM IST
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तीन साल पहले मुजेसर से गुम हुए आलोक (3) के पिता नंदलाल को चंदौली (यूपी) के कढ़कला गांव से ढूंढ कर फरीदाबाद पुलिस ने दोनों को मिलाया। खोया हुआ इकलौता बेटा मिलने से नंदलाल की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।
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फरीदाबाद पुलिस एक जनवरी से 15 फरवरी 2016 तक ऑपरेशन मुस्कान चला कर गुमशुदा बच्चों को उनके परिजनों से मिलाने के प्रयास में जुटी है।
नंदलाल के मुताबिक उसके दो बच्चे थे। इनमें से एक की मौत हो गई थी। इकलौते बेटे आलोक (वर्तमान में छह साल उम्र) को लेकर तीन साल पहले मुजेसर में रहने वाले एक रिश्तेदार के यहां आए थे। आलोक घर के बाहर से खेलते हुए गायब हो गया था।
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परिजनों ने उसकी बहुत खोज की लेकिन उसका पता नहीं चला था। इधर रात में सड़क किनारे लावारिस हालत में बच्चे को रोता हुआ देख कर किसी ने उसे सेक्टर 21 सी स्थित करुणा वेलफेयर सोसायटी पहुंचा दिया था।
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नंदलाल ने 4 अप्रैल 2013 को मुजेसर थाने में बेटे के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी और वापस अपने गांव चला गया था। मिशन मुस्कान के तहत एएसआई नवीन कुमार और उनकी टीम ने बच्चे के माता पिता को खोज कर एक दूसरे से मिलाया।
55 बच्चों को मिलाया परिजनों से
एएसआई नवीन कुमार ने बताया कि मिशन मुस्कान के तहत अभी तक 55 लावारिस बच्चों को उनके माता-पिता से मिलवाया जा चुका है। इनमें से दस बच्चे गुमशुदा थे।
राज्य स्तर पर चला रही अभियान
एएसआई नवीन कुमार ने बताया कि फरीदाबाद मिसिंग सेल टीम इस बार राज्य स्तर पर खोए हुए बच्चों को मिलाने का अभियान चला रही है। इसके तहत दिल्ली ईस्ट के पांडव नगर थाने में 5 जनवरी 2016 को गायब हुए आबिद को उसके पिता आदिब खाने से मिलवा चुकी है।
बच्चों को मिलाने में सहयोग की अपील
एएसआई नवीन कुमार ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई बच्चा गुमशुदा या लावारिस हालत में मिले तो पास के थाने को सूचित करें या फिर उनके फोन नंबर 9068090683 पर भी जानकारी दे सकते हैं। लोगों के सहयोग से खोए हुए बच्चे अपने माता पिता से मिल सकते हैं।