एक मिस कॉल की मदद से माता-पिता से मिला सालभर पहले गायब हुआ मासूम
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अपराध शाखा ने एक वर्ष पहले घर से गायब हुए किशोर को जम्मू कश्मीर में ढूंढ निकाला है। वह करीब एक साल पहले अपने माता-पिता को बिना बताए चला गया था और फिर डर से घर नहीं लौटा।
वहां बेटे की चाहत में एक व्यक्ति उसे अपने घर ले गया था। पुलिस ने किशोर को उसके माता-पिता को सौंप दिया है। संयुक्त पुलिस आयुक्त रविंद्र यादव के अनुसार, चरण सिंह ने पिछले साल 28 अगस्त को 14 वर्षीय बेटे के लापता होने की शिकायत दी।
शाहबाद डेयरी थाना पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू की। मगर, लोकल पुलिस को किशोर के बारे में कोई सुराग नहीं मिला। इस साल 26 अगस्त को तफ्तीश अपराध शाखा को सौंपी गई।
शाखा में इंस्पेक्टर रामनिवास और एसआई विशाल की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस टीम को किशोर के परिजनों ने बताया कि उनके मोबाइल नंबर पर जम्मू कश्मीर के एक मोबाइल नंबर से अगस्त, 2016 में एक मिस्ड कॉल आई थी।
कटरा में संदिग्ध हालत में घूम रहा था किशोर
जबकि उनका वहां कोई परिचित व रिश्तेदार नहीं रहता है। पुलिस ने मिस्ड कॉल को गंभीरता से लिया। जांच में पता लगा कि किशोर गांव काजहाली (जम्मू) में देखा गया है।
8 सितंबर को पुलिस टीम किशोर को जम्मू में कैलाश के घर से सकुशल ले आई। कैलाश का वैष्णो देवी पर घोड़ों का व्यवसाय है। उसकी सात बेटियां हैं ,मगर बेटा एक भी नहीं है।
कैलाश ने देखा कि किशोर कटरा में संदिग्ध हालत में घूम रहा है। वह बेटे की चाहत में उसे अपने घर ले गया था। किशोर माता-पिता को बिना बताए वैष्णो देवी चला गया था।
फिर इस डर से वापस नहीं लौटा कि वह वापस जाएगा तो माता-पिता उसे डांटेंगे। किशोर ने बयान में कहा है कि वह पढ़ना नहीं चहाता था, इस कारण वह घर छोड़कर चला गया था।