टाटा नमक पर गलत प्रचार करने में फंसी कंपनी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजियाबाद की एक कंपनी को नमक के पैकेट पर दाल का प्रचार करने के आरोप में पैकेजिंग कंपनी पर एडीएम ने दो लाख रुपये का जुर्माना ठोका है। टाटा नमक की पैकिंग पर दाल के इस प्रचार को मिस ब्रांडिंग माना गया है।
एडीएम ने दो अन्य मामलों में भी 1.60 लाख रुपये का जुर्माना किया है। खाद्य औषधि प्रशासन की टीम ने मंगलवार को चार स्थानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनय अग्रवाल ने बताया कि बक्सर (सिंभावली) से कुछ माह पूर्व टाटा नमक का नमूना लिया गया था। नमक की थैली पर दाल का भी प्रचार किया जा रहा था, जो मिस ब्रांडिंग का मामला बनता है।
गाजियाबाद की कंपनी ने किया घपला
मामले की सुनवाई करते हुए नमक की थैली की पैकिंग करने वाली गाजियाबाद की कंपनी मैसर्स सिक्का इंडस्ट्रीज पर एडीएम ने दो लाख रुपये का जुर्माना किया है।
बाबूगढ़ से अनमोल खादी ग्रामोद्योग से सोहन पापड़ी का नमूना लिया था। डिब्बे पर बैच नंबर नहीं लिखा था। इस पर 1.5 लाख रुपये का जुर्माना किया है।
उन्होंने बताया कि कुछ माह पूर्व ग्राम शेखपुर खिचरा से राजकुमार के यहां से छेना रसगुल्ले का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया था। जांच रिपोर्ट में मैदा मिली हुई थी। इस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है।