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शादी का झांसा देकर दुष्कर्म: महिला को बनाया बंधक, फिर भाई के साथ मिलकर करता रहा शोषण; कोर्ट ने दी ये सजा
Mon, 24 Feb 2025 04:13 PM IST
श्याम जी.
संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर
संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर
Published by: श्याम जी.
Updated Mon, 24 Feb 2025 04:13 PM IST
सार
बुलंदशहर जिले में दो सगे भाइयों ने शादी का झांसा देकर एक युवती को किराये के मकान में बंधक बना लिया। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले में न्यायालय ने दोनों को दोषी करार दिया है।
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दोषी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सिकंदराबाद में रुद्रपुर की महिला को शादी का झांसा देकर किराये के मकान में रखकर सामूहिक दुष्कर्म करने वाले दोनों सगे भाइयों को एडीजे-एफटीसी द्वितीय वरुण मोहित निगम के न्यायालय ने दोषी करार दिया है। साथ ही न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को सात-सात वर्ष का कारावास व 11-11 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
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वर्ष 2018 में रामपुर के रूद्रपुर क्षेत्र निवासी एक युवती ने सिकंदराबाद कोतवाली में तहरीर दी थी। तहरीर में उसने बताया था कि गौतमबुद्धनगर के थाना दनकौर के गांव अस्तौली निवासी हरेंद्र से उसकी मोबाइल के माध्यम से मुलाकात हुई थी। आरोपी हरेंद्र ने कई बार पीड़िता के घर रुद्रपुर पहुंचकर शादी करने का झांसा दिया और करीब दो साल पहले उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ सिकदंराबाद ले आया। यहां गांव जोखाबाद में किराये के मकान में रखकर बंधक बना लिया।
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इस दौरान उसके साथ आरोपी हरेंद्र और उसके भाई मोहित ने कई बार दुष्कर्म किया। उसे किसी को कुछ बताने पर हत्या कर नहर में फेंक देने की धमकी दी गई। उसका मोबाइल भी छीन लिया गया और विरोध करने पर मारपीट की जाती थी। 10 मई 2018 को सिकंदराबाद पुलिस ने महिला आयोग से शिकायत के बाद रिपोर्ट दर्ज कर ली और आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका चालान कर दिया। पुलिस ने मामले में 9 अगस्त 2018 को जांच कर न्यायालय में दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
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इस अभियोग को ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित करते हुए मॉनीटरिंग सेल न्यायालय में प्रभावी पैरवी कर अभियोजन की कार्रवाई संपन्न कराई गई, जिसमें अभियोजन पक्ष की तरफ से पांच गवाह पेश किए गए। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी-2 वरुण मोहित निगम के न्यायालय ने गवाहों के बयान, साक्ष्यों का अवलोकन और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनकर आरोपी हरेंद्र और मोहित को दोषी करार दिया। न्यायाधीश ने दोनों अभियुक्तों को सात-सात वर्ष का कारावास और 11-11 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है।