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छूट लेकर भी नहीं जमा कराते प्रॉपर्टी टैक्स
विनोद डबास/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 18 Jul 2014 12:14 PM IST
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नई दिल्ली में ऑन लाइन प्रॉपर्टी टैक्स में हेराफेरी का मामला सामने आया है। तीनों नगर निगम में बड़ी संख्या में लोग पिछले तीन साल से छूट का लाभ ले रहे हैं, लेकिन न तो समय पर टैक्स राशि निगम के खाते में जमा करते हैं और न ही टैक्स की पूरी राशि का भुगतान करते हैं।
यह गड़बड़ी आईटी विभाग ने पकड़ी है। तीनों नगर निगम के प्रॉपर्टी टैक्स विभाग ने पिछले तीन वर्ष के दौरान ऑन लाइन जमा हुए टैक्स की जांच कराई है।
इसमें पता चला कि एक अप्रैल से 30 जून तक टैक्स जमा कराने पर मिलने वाली 15 प्रतिशत छूट का लाभ लेने को उनकी वेबसाइट पर टैक्स जमा कराने की औपचारिकता पूरी करके स्लिप ले लेते हैं। मगर, उनके खाते में 30 जून तक राशि जमा नहीं कराते।
वे दो-तीन माह बाद बैंक में राशि जमा कराने के लिए पहुंचते हैं। इस तरह वे छूट का लाभ लेने के साथ-साथ ब्याज भी ले लेते हैं। ऐसे लोगों की संख्या करीब ढाई लाख पाई गई।
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अधिकारियों के मुताबिक 50 हजार लोग ऐसे हैं जो तीन साल से टैक्स जमा कराने में हेराफेरी कर रहे हैं। वे हर साल टैक्स की राशि कम जमा करा रहे हैं। पहली बार तो उन्होंने सही राशि जमा कराई थी। उसके अगले वर्ष 10 प्रतिशत ही राशि जमा कराई और इस वर्ष 10 प्रतिशत भी टैक्स जमा नहीं कराया।
तीनों नगर निगम को करीब 10 लाख लोगों से प्रॉपर्टी टैक्स मिल रहा है। उनमें से करीब 60 प्रतिशत लोग ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराते हैं।
निगमों के पास साधारण तरीके से टैक्स जमा कराने वाले लोगों का कोई ब्योरा नहीं है, लेकिन आईटी विभाग के अस्तित्व में आने के बाद ऑन लाइन टैक्स जमा कराने वालों का पूरा लेखा जोखा रखा जा रहा है।
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यह गड़बड़ी आईटी विभाग ने पकड़ी है। तीनों नगर निगम के प्रॉपर्टी टैक्स विभाग ने पिछले तीन वर्ष के दौरान ऑन लाइन जमा हुए टैक्स की जांच कराई है।
इसमें पता चला कि एक अप्रैल से 30 जून तक टैक्स जमा कराने पर मिलने वाली 15 प्रतिशत छूट का लाभ लेने को उनकी वेबसाइट पर टैक्स जमा कराने की औपचारिकता पूरी करके स्लिप ले लेते हैं। मगर, उनके खाते में 30 जून तक राशि जमा नहीं कराते।
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वे दो-तीन माह बाद बैंक में राशि जमा कराने के लिए पहुंचते हैं। इस तरह वे छूट का लाभ लेने के साथ-साथ ब्याज भी ले लेते हैं। ऐसे लोगों की संख्या करीब ढाई लाख पाई गई।
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अधिकारियों के मुताबिक 50 हजार लोग ऐसे हैं जो तीन साल से टैक्स जमा कराने में हेराफेरी कर रहे हैं। वे हर साल टैक्स की राशि कम जमा करा रहे हैं। पहली बार तो उन्होंने सही राशि जमा कराई थी। उसके अगले वर्ष 10 प्रतिशत ही राशि जमा कराई और इस वर्ष 10 प्रतिशत भी टैक्स जमा नहीं कराया।
तीनों नगर निगम को करीब 10 लाख लोगों से प्रॉपर्टी टैक्स मिल रहा है। उनमें से करीब 60 प्रतिशत लोग ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराते हैं।
निगमों के पास साधारण तरीके से टैक्स जमा कराने वाले लोगों का कोई ब्योरा नहीं है, लेकिन आईटी विभाग के अस्तित्व में आने के बाद ऑन लाइन टैक्स जमा कराने वालों का पूरा लेखा जोखा रखा जा रहा है।