सुनपेड़: अब मिल सकते हैं अहम सुराग, नाबालिग से होगी पूछताछ
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दलित जितेंद्र के घर हुई आगजनी की घटना में सीबीआई नाबालिग आरोपी से भी पूछताछ करेगी। उससे घटना के बारे में अहम जानकारियां और तथ्य मिल सकते हैं।
इससे पहले सीबीआई फरार चल रहे नामजद आरोपियों को तलाश कर उनसे पूछताछ कर सकती है। घटना की गुत्थी सुलझाने के लिए फिलहाल गांव वालों से जानकारी जुटाई जा रही है।
सुनपेड़ गांव में रहने वाले दलित जितेंद्र के घर 19-20 अक्तूबर की रात हुई आगजनी की घटना में पीड़ित ने एक नाबालिग सहित ग्यारह लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जबकि नाबालिग आरोपी को महिला एवं बाल विकास विभाग के निरीक्षण गृह में रखा गया है।
मामले की जांच कर रही सीबीआई अभी तक बलवंत सिंह उनके बेटे धरम सिंह के अलावा करतार सिंह, संजय, आकाश और अमन को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है।
मामले की पूरी तफ्तीश करने के लिए अभी फरार चल रहे चार आरोपियों और नाबालिग से पूछताछ किया जाना बाकी है। मालूम हो कि नामजद आरोपियों में एदल, जगत, देशराज और योगेंद्र अभी फरार चल रहे हैं।
गांव वालों से भी ली जा रही जानकारी
पूछताछ में नाबालिग सीबीआई के लिए घटना का गवाह, सुबूत या आरोपी होने के अलावा निर्दोष भी साबित हो सकता है। फिलहाल सीबीआई दोनों पक्षों से पूछताछ करने के बाद गांव वालों से जानकारी हासिल कर रही है।
क्रिमिनल मामलों के वकील रवींद्र गुप्ता के मुताबिक हत्या या किसी भी अन्य आपराधिक मामले में जांच पूर्ण करने के लिए सभी नामजद आरोपियों से पूछताछ जरूरी है, यह अलग बात है कि जांच में वह दोषी या निर्दोष साबित होता है।
दलित जितेंद्र के घर हुई आगजनी की घटना में दोनों पक्षों से पूछताछ कर चुकी सीबीआई अब जुटाए गए तथ्यों को पुख्ता करने के लिए गांव वालों से पूछताछ कर रही है। सीबीआई ने गांव वालों से घटना और जितेंद्र दंपत्ति के बारे में जानकारी बटोरी।
घटना की जांच में जुटी सीबीआई ने शुक्रवार को गांव के विजेंद्र, टेकसिंह, जलसिंह, जीतेंद्र कुमार, हरिया, वीरपाल और रामप्रसाद को बुलाकर उनसे पूछताछ की थी। शनिवार को इन सभी के परिवार वालों को घटना की जानकारी ली।
जितेंद्र दंपति के बीच रिश्तों की ली जानकारी
पूछताछ के बाद बाहर आए लोगों ने बताया कि अधिकारियों ने जितेंद्र और उसकी पत्नी के बीच किस तरह के संबंध थे, क्या दोनों में लड़ाई होती थी, यदि हां तो आपने दोनों को कब लड़ते हुए देखा, क्या जितेंद्र शराब पीता है आदि सवाल पूछे गए।
कुछ लोगों से पूछा गया कि उन्हें घटना की जानकारी कैसे हुई, घटना के वक्त वह कहां थे, कब घटना स्थल पहुंचे और क्या देखा। कुछ गांव वालों ने थानों से दोनों पक्षों का आपराधिक इतिहास भी मंगाकर जांचने के लिए अधिकारियों से कहा।
इन लोगों के बयान दर्ज कर उन्हें वापस भेज दिया गया। शनिवार को सीबीआई ने गांव के रमेश उसके बेटे सहित कई परिवार वालों को जानकारी के लिए बुलाया था।