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राजधानी की सड़कों पर दौड़ेंगी मिनी एसी बसें
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 05 Dec 2016 12:53 AM IST
सार
दिल्ली कैबिनेट की अगली बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव
क्लस्टर योजना में आएंगी
ग्रामीण क्षेत्र और संकरी सड़कों के लिए होंगी कारगर
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एसी बस
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
राजधानी की सड़कों पर मिनी वातानुकूलित बसें उतारने की तैयारी शुरू हो गई है। ये मिनी बसें क्लस्टर योजना पर आएंगी, जिसे प्राइवेट कंपनी चलाएगी। बसों के संचालन का काम वर्तमान में क्लस्टर बस सर्विस की तर्ज पर दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांजिट सिस्टम (डिम्ट्स) चलाएगा।
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तर्क है कि ये बसें भीड़भाड़ वाले और ग्रामीण क्षेत्रों में आसानी से चल सकेंगी। संकरी सड़कों के लिए भी कारगर होंगी और जहां कम सवारी है, वहां भी ये बसें चलाई जा सकेंगी।
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संचालन में टिकट व विज्ञापन से आने वाले राजस्व और खर्च में अंतर की भरपाई दिल्ली सरकार करेगी।
वर्तमान में प्रति बस सरकार को करीब 1.24 लाख रुपये मासिक भुगतान करना पड़ता है। ऐसे में वर्तमान में सड़कों पर दौड़ रही 1700 बसों के लिए सालाना सरकार को 250 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। डिम्ट्स जिन 9 क्लस्टर में 2464 बसें चला रहा है, उसमें 20 फीसदी बसें वातानुकूलित होनी चाहिए।
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लेकिन क्लस्टर संचालन कंपनियों का तर्क है कि बाजार में अर्बन स्पेसिफिकेशन की एसी बसें नहीं हैं, जिसकी वजह से बसें नहीं आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार दिल्ली कैबिनेट की अगली बैठक में क्लस्टर योजना के तहत क्लस्टर नंबर 10 से 17 तक में वर्तमान में चल रही नारंगी बसों की बजाय मिनी बसें उतारने, परिचालन का काम डिम्ट्स को सौंपने, सभी बसें एसी लाने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
यूं तो क्लस्टर योजना के तहत 17 क्लस्टर के 657 रूट पर 5500 बसें उतारने का फैसला कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुआ था, लेकिन इसके परिचालन में खर्च और मिनी एसी बसें उतारने को लेकर नई कैबिनेट को फैसला लेना है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इन परिचालन के लिए निजी कंपनियों के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी।