Delhi Coaching Centre: गृह मंत्रालय ने हादसे की जांच के लिए बनाई समिति, 30 दिन में सौंपनी होगी रिपोर्ट
गृह मंत्रालय ने नई दिल्ली के ओल्ड राजिंदर नगर स्थित कोचिंग सेंटर में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जांच के लिए एक समिति गठित की है।
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गृह मंत्रालय ने नई दिल्ली के ओल्ड राजिंदर नगर स्थित कोचिंग सेंटर में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जांच के लिए एक समिति गठित की है। समिति घटना के कारणों की जांच करेगी, जिम्मेदारी तय करेगी, उपाय सुझाएगी और नीतिगत बदलावों की सिफारिश करेगी।
समिति में अतिरिक्त सचिव, प्रमुख सचिव (गृह), दिल्ली सरकार, विशेष सीपी, दिल्ली पुलिस, अग्निशमन सलाहकार और संयुक्त सचिव, गृह मंत्रालय संयोजक होंगे। समिति को 30 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
राजनीति नहीं न्याय चाहिए, छात्रों की मौत की जिम्मेदार एमसीडी : अभ्यर्थी
हमें राजनीति नहीं बल्कि न्याय चाहिए, यह हादसा नहीं, हत्या है। हमारे तीन भाई-बहन की मौत का जिम्मेदार दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) है। सोमवार को राजेंद्र नगर स्थित राव आईएएस स्टडी सर्किल के बाहर यह गूंज चारों और सुनाई दे रही थी। हर कोई बस न्याय की मांग करता दिखा। तीन छात्रों की मौत के बाद दिल्ली सरकार और एमसीडी की लापरवाही के खिलाफ दो दिन से तमाम अभ्यर्थी लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने बैनर व तख्तियां लेकर दिल्ली सरकार व एमसीडी के खिलाफ नारेबाजी की। दिल्ली पुलिस के खिलाफ भी रोष व्यक्त किया। घटना को सरकार की पूरी तरह से लापरवाही बताते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि एमसीडी कहती है कि यह एक आपदा है, लेकिन यह पूरी तरह से लापरवाही है। आधे घंटे की बारिश में घुटनों तक पानी भर जाता है। ऐसे में विकास की भेंट भविष्य के तीन अधिकारी चढ़ गए।
धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी छात्र कपिल उपाध्याय ने दिल्ली सरकार द्वारा दिए गए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश पर कहा कि कोई भी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं है। वह चाहते हैं कि सरकार के लोग यहां आएं और छात्रों की मौत की जिम्मेदारी लें। वे अपने एसी कमरों से ट्वीट करके या पत्र लिखकर किसी का भविष्य कैसे सुधार रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ओल्ड राजेंद्र नगर में 80 फीसदी लाइब्रेरी बेसमेंट में हैं। यहां दस मिनट की बारिश में भी पानी भर जाता है, लेकिन एमसीडी ने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया है। छात्र महेश ने आरोप लगाते हुए बताया कि उनके मकान मालिक पिछले 10-12 दिन से पार्षद से कह रहे थे कि नाले की सफाई होनी चाहिए, लेकिन किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिले एलजी
घटना का जायजा लेने उपराज्यपाल वीके सक्सेना हादसे वाली जगह पर पहुंचे। छात्रों के कई बार आग्रह करने पर पहुंचे, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ नारेबाजी करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि क्या सरकार केवल सोशल मीडिया पर ही चलेगी, जिसके बाद एलजी ने बैरिकेड के दूसरी ओर कुछ छात्रों को बुलाकर बातचीत की।
सोशल मीडिया पर लगाई न्याय की गुहार
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सोशल मीडिया पर दिल्ली व केंद्र सरकार से न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि घटना में जान गंवाने वालों को एक करोड़ रुपये की राशि उनके परिवारजनों को दी जानी चाहिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई हो।