मेट्रो का सफर हुआ मुश्किल, टोकन काउंटर बंद, वेंडिंग मशीनें भी खराब
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मेट्रो अब लोगों की लाइफ लाइन बन चुकी है। सुरक्षित और ट्रैफिक मुक्त सफर के लिए लोग मेट्रो को प्राथमिकता देते हैं। लेकिन मेट्रो सफर में अब सुविधाएं कम और मुश्किलें अधिक हो रही हैं। कई स्टेशन पर टोकन काउंटर बंद कर दिए गए हैं जबकि वेंडिंग मशीनें भी अक्सर खराब रहती हैं।
इससे टिकट के लिए ही खासी मुश्किल हो जाती है। सुरक्षा व्यवस्था की हालत यह है कि सीढ़ियों पर कुत्ते सोए रहते हैं, जिनसे बचते हुए यात्रियों को निकलना पड़ता है। शनिवार को अमर उजाला टीम ने सेक्टर-15 और सेक्टर-16 मेट्रो स्टेशन पर सुविधाओं की वास्तविकता जानी।
रिचार्ज की मशीनें खराब
सेक्टर-16 मेट्रो स्टेशन पर टिकट लेने और रिचार्ज कराने के लिए 6 वेंडिंग मशीनें लगी हुई हैं। सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर दो वेंडिंग मशीनें खराब पड़ी मिलीं। टोकन ले रहे रवि ने बताया कि अक्सर मशीनें खराब रहती हैं। इस वजह से सुबह और शाम के समय बहुत भीड़ लग जाती है। दूसरे मेट्रो स्टेशनों पर भी यही हाल रहता है।
सीढ़ियों पर मिलते हैं कुत्ते
मेट्रो स्टेशन की सुरक्षा सबसे ज्यादा अच्छी मानी जाती है। लेकिन इसके बावजूद भी सीढ़ियों पर कुत्ते सोते रहते हैं। सेक्टर- 16 मेट्रो स्टेशन की सीढ़ियों पर कुत्ते बैठे मिले।
अतिक्रमण से यात्री परेशान
लगभग शहर के सभी मेट्रो स्टेशन के नीचे ऑटो, रेहड़ी वालों ने अतिक्रमण किया हुआ है। मेट्रो से नीचे उतरते ही यात्रियों को ऑटो चालक घेरना शुरू कर देते हैं। सेक्टर- 15 मेट्रो स्टेशन के नीचे रेहड़ी वालों का जमावड़ा लगा दिखा। रेहड़ियों पर लोग खाने पीने के बाद कूड़े को नीचे ही फेंक देते हैं। इस वजह से नोएडा आते ही मेट्रो की सूरत ही बदल रही है।
मेट्रो स्टेशन दैनिक यात्री
सिटी सेंटर 50,000
गोल्फ कोर्स 7000 से 8000 के करीब
बोटेनिकल गार्डन 30000 के करीब
सेक्टर-18 20000 करीब
सेक्टर-16 20000 के करीब
सेक्टर-15 25,000 से 30 हजार के करीब
सेक्टर - 16 मेट्रो स्टेशन के इंचार्ज का कहना है कि मशीनें हैं। कई बार खराबी आ जाती है। हालांकि कुछ देर बाद ही मशीन को ठीक कर दिया जाता है। वहीं गोल्फ कोर्स मेट्रो स्टेशन के इंचार्ज का कहना है कि कुछ यात्री नोट को मशीन में फंसा देते हैं। इससे मशीन हैंग हो जाती है। हालांकि कुछ देर बात उसको ठीक कर दिया जाता है।