New Technology: मेट्रो फेज-4 की राह हुई आसान, सिंगल पिलर पर तैयार होंगे मेट्रो स्टेशन
मेट्रो फेज-4 के विस्तार के तहत बुराड़ी क्षेत्र में पहली बार मेट्रो पहुंचेगी। पिंक लाइन का मौजपुर-मजलिस पार्क कॉरिडोर का यह हिस्सा होगा। यह दिल्ली मेट्रो का पहला रिंग कॉरिडोर होगा। इससे बुराड़ी सहित आसपास के रिहायशी और वाणिज्यिक क्षेत्रों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
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दिल्ली मेट्रो फेज-4 के मौजपुर-मजलिस पार्क कॉरिडोर के आठ में से सात स्टेशन सिंगल पिलर पर खड़े होंगे। अभी तक अधिकतर स्टेशन सड़क के दोनों तरफ दो पिलर पर किए जाते रहे हैं। इससे सड़कों पर पिलर के लिए कम जगह की जरूरत होगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की इस पहल के तहत उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी स्टेशन के निर्माण में भी नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस स्टेशन की चौड़ाई दूसरे स्टेशनों की तुलना में तीन मीटर कम होगी। इससे मेट्रो स्टेशन की खूबसूरती को चार चांद लगेंगे। उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी स्टेशन के तैयार होने से आसपास की घनी आबादी वाले क्षेत्रों से दिल्ली के सभी कोने तक के लिए मेट्रो की सुविधा उपलब्ध होगी। इस मेट्रो कॉरिडोर पर 2024 के मध्य तक मेट्रो परिचालन शुरू होने की उम्मीद है।
मेट्रो फेज-4 के विस्तार के तहत बुराड़ी क्षेत्र में पहली बार मेट्रो पहुंचेगी। पिंक लाइन का मौजपुर-मजलिस पार्क कॉरिडोर का यह हिस्सा होगा। यह दिल्ली मेट्रो का पहला रिंग कॉरिडोर होगा। इससे बुराड़ी सहित आसपास के रिहायशी और वाणिज्यिक क्षेत्रों को भी बड़ी राहत मिलेगी। संत नगर, हरदेव नगर, बाबा कॉलोनी, निरंकारी ग्राउंड, परिवहन प्राधिकरण, बुराड़ी अस्पताल, बुराड़ी गांव की घनी आबादी वाले क्षेत्रों से रिंग कॉरिडोर के किसी हिस्से तक पहुंच होगी। इस स्टेशन के निर्माण से रोजाना 15000 से अधिक यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
बुराड़ी से मेट्रो सेवाएं शुरू होने पर यात्रियों को धौला कुआं, लाजपत नगर, सराय काले खां, आनंद विहार आईएसबीटी, कड़कड़डूमा, वेलकम स्टेशन सहित दिल्ली के चारों कोने तक के लिए एक त्वरित परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। मेट्रो स्टेशन का निर्माण कार्य त्वरित गति से चल रहा है। स्टेशन तैयार करने के लिए पिलर पहले ही खड़े किए जा चुके हैं जबकि बीम (क्रॉस आर्म्स) की मदद से कॉनकोर्स और प्लेटफॉर्म का निर्माण चल रहा है।
लिफ्ट और एस्केलेटर से जुड़ेंगे प्लेटफॉर्म
बुराड़ी स्टेशन एक नई तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसके तकनीक की मदद से पूरे स्टेशन की संरचना सड़क के बीचोबीच सिंगल पिलर पर टिकी होगी। आम तौर पर स्टेशनों के निर्माण के लिए सड़क के दोनों तरफ पिलर होते हैं। इससे सड़कों पर अतिरिक्त कब्जा होने की आशंका बनी रहती है। नई तकनीक के जरिये कम जगह में स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। समानांतर सड़कों पर स्टेशन के लिए दोनों तरफ से प्रवेश और निकास गेट होंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर के साथ दोनों प्लेटफॉर्म को आपस में जोड़ा जाएगा ताकि यात्रियों को अधिकतम सहूलियत मिले।
रात के वक्त किया जाएगा निर्माण
मजलिस पार्क-मौजपुर कॉरिडोर के आठ में से सात स्टेशनों पर स्टेशन सिंगल पिलर पर टिके होंगे। करीब 140 मीटर के दायरे में बुराड़ी स्टेशन सड़क के बीचोबीच होगा। सामान्य तौर पर एलिवेटेड स्टेशन की चौड़ाई करीब 23 मीटर होती है जबकि बुराड़ी स्टेशन की चौड़ाई 20 मीटर होने से सौंदर्य को भी बढ़ावा मिलेगा। नई तकनीक के इस्तेमाल से यहां निर्माण गतिविधियां न्यूनतम होंगी। स्टेशन के कॉनकोर्स और प्लेटफॉर्म के लिए कास्टिंग यार्ड में जरूरी उपकरण और संरचनाएं तैयार की जा रही हैं। इन्हें स्थापित करने के लिए रात के वक्त 400 मिलियन टन क्षमता के क्रेनों का उपयोग किया जाएगा।