फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Metal thieving gang busted, six arrested in noida.

धातु लूटने वाले गिरोह का पर्दाफाश, छह गिरफ्तार

Mon, 12 Jan 2015 11:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Mon, 12 Jan 2015 11:56 PM IST
विज्ञापन
Metal thieving gang busted, six arrested in noida.

नोएडा पुलिस ने रविवार दोपहर धातु लूटने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने दादरी में 29 दिसंबर की देर रात तांबे से भरे ट्रक को लूटने के आरोप में गिरोह के 6 सदस्यों को सेक्टर-62 स्थित खोड़ा तिराहे के पास गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान बिसरख निवासी नावेद (28), सेक्टर-72 निवासी सत्यवान (40), गाजियाबाद निवासी हासिम (33), बिजनौर निवासी शाहिद (28) और दिल्ली निवासी असलम (25) और मोहित गुप्ता (25) के रूप में हुई।  इनके पास से लूटा गया ट्रक, वारदात में प्रयुक्त पोलो कार, 7 लाख रुपये की तांबे की 9 सिल्ली, पांच तमंचे और करीब 15 लाख रुपये बरामद किए गए। आरोपियों में ट्रांसपोर्टर, फाइनेंसर व मेटल बनाने वाली फैक्ट्री का मालिक शामिल है।

विज्ञापन


पुलिस के मुताबिक पिछले कई माह से मेटल से लदे ट्रकों को लूटा जा रहा था। जांच के दौरान पता चला कि एक ही तरीके से कई वारदात अंजाम दी गई। 29 दिसंबर को दादरी में तांबे से भरे ट्रक को लूटा गया। मामले की जांच दादरी पुलिस के साथ क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग और सेक्टर-58 थाने की सर्विलांस टीम को सौंपी गई। इस बीच सूचना मिली कि जिस गिरोह ने दादरी की लूट को अंजाम दिया है वह एक और वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। एसपी सिटी योगेश सिंह ने बताया कि सूचना के आधार पर रविवार दोपहरघेराबंदी कर गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया।  सुमित, मातादीन समेत  गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। सभी आरोपियों के खिलाफ नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली में लूटपाट, आर्म्स एक्ट आदि की धाराओं में मामले दर्ज हैं। नावेद, हाशिम और असलम पहले जेल जा चुके हैं।
विज्ञापन


पुलिस के मुताबिक सेक्टर-11, रोहिणी दिल्ली निवासी मोहित गुप्ता की दिल्ली के शाहबाद डेरी में मेटल बनाने वाली फैक्ट्री है। लूटपाट के बाद धातु से भरे ट्रक को इसी फैक्ट्री में लाया जाता था। लूटे गए माल की पहचान न हो सके, इसलिए धातु को गलाकर इसकी सिल्ली बना दी जाती थीं। इसके बाद माल को गुड़गांव, गाजियाबाद और नोएडा के अलावा दिल्ली के अन्य हिस्सों में भेज दिया जाता था। गिरोह में मोहित का पिता मातादीन और छोटा भाई सुमित भी है, जो अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


नावेद गिरोह का सरगना है। उसका ट्रांसपोर्ट का काम है। ऐसे में ट्रकों में माल लोडिंग की पूरी जानकारी उसे होती थी। रेकी का काम नावेद ही करता था। विजयनगर, गाजियाबाद निवासी हासिम का वहीं जिम है।  शास्त्री नगर, दिल्ली निवासी असलम फाइनेंसर है। वह दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। दिल्ली-एनसीआर के कई ट्रांसपोर्टरों ने उसके माध्यम से ट्रक फाइनेंस कराए हैं। इसके अलावा आरोपी सत्यवान एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। वह दिन में नौकरी, जबकि रात में साथियों के साथ वारदात को अंजाम देता था। शाहिद लूटे गए ट्रक को गंतव्य तक पहुंचाता था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed