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इनका गुस्सा कहीं डुबो न दे नेताजी की नैया!
अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Thu, 20 Mar 2014 12:03 PM IST
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गुड़गांव में उम्मीद के विपरीत टिकट बंटवारे के चलते लगभग सभी पार्टियों में भीतरघात का खतरा मंडराने लगा है।
जिन दलों के प्रत्याशियों के नाम का ऐलान हो गया है, उनके कार्यकर्ताओं के एक खेमे में नाराजगी देखी जा रही है। इनेलो की टिकट के लिए गुड़गांव से 23 लोगों ने दावेदारी ठोकी थी। लेकिन, पार्टी ने पिछले आम चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे जाकिर हुसैन को अपना प्रत्याशी बनाया।
वह हाल में ही बसपा छोड़कर इनेलो में आए हैं। उन्हें टिकट देने से पार्टी का एक खेमा नाराज है। बताया जा रहा है टिकट देने में दल के पुराने दावेदारों को दरकिनार किया गया। पुराने नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की नाराजगी का संगठन को भी एहसास है। इसलिए जब जाकिर हुसैन की उम्मीदवारी का नाम ऐलान किया तो मंच पर काफी देर तक मान-मनौव्वल का दौर चला।
यह भी पढ़ें: इस चुनाव में धुरंधरों ने की पार्टियों की अदला-बदली
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भाजपा ने गुड़गांव से कांग्रेस छोड़कर एक महीना पहले पार्टी में आए राव इंद्रजीत सिंह को टिकट दिया है। इनके अलावा पार्टी के कई पुराने नेता दावेदारी कर रहे थे। एक वरिष्ठ नेता के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने पार्टी का संभावित प्रत्याशी मानते हुए लंबे समय से इलाके में पुरजोर तरीके से प्रचार अभियान भी चला रखा था।
आरोप है कि इंद्रजीत को टिकट देते समय उनकी राय नहीं ली गई। इससे वह इस कदर नाराज हुए कि अपने एक करीबी के माध्यम से जदयू का दरवाजा खटखटाने पहुंच गए। आज भी उनके आवास पर उनके नाराज समर्थकों की भारी भीड़ देखी जा सकती है।
उम्मीदवारी को लेकर कांग्रेस में भी मारामारी है। राव इंद्रजीत सिंह के कांग्रेस छोड़ने पर इलाके के कई विधायक खुद को टिकट का मजबूत दावेदार मानने लगे थे। यह सूचना आने पर कि सिंचाई मंत्री कैप्टन अजय यादव को टिकट देने की बात चल रही है।
बाकी दावेदारों ने दिल्ली-चंड़ीगढ़ की दौड़ लगानी शुरू कर दी। इनके तर्क हैं कि एक ही जाति के विभिन्न पार्टियों के कई उम्मीदवार खड़े हो जाने से अजय यादव का जीत पाना कठिन हो जाएगा। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि जो टिकट लेने में नाकाम रहे वही अपनी-अपनी पार्टी की जीत में पलीता लगाने में अधिक सक्रिय रहेंगे।
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जिन दलों के प्रत्याशियों के नाम का ऐलान हो गया है, उनके कार्यकर्ताओं के एक खेमे में नाराजगी देखी जा रही है। इनेलो की टिकट के लिए गुड़गांव से 23 लोगों ने दावेदारी ठोकी थी। लेकिन, पार्टी ने पिछले आम चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे जाकिर हुसैन को अपना प्रत्याशी बनाया।
वह हाल में ही बसपा छोड़कर इनेलो में आए हैं। उन्हें टिकट देने से पार्टी का एक खेमा नाराज है। बताया जा रहा है टिकट देने में दल के पुराने दावेदारों को दरकिनार किया गया। पुराने नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की नाराजगी का संगठन को भी एहसास है। इसलिए जब जाकिर हुसैन की उम्मीदवारी का नाम ऐलान किया तो मंच पर काफी देर तक मान-मनौव्वल का दौर चला।
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भाजपा ने गुड़गांव से कांग्रेस छोड़कर एक महीना पहले पार्टी में आए राव इंद्रजीत सिंह को टिकट दिया है। इनके अलावा पार्टी के कई पुराने नेता दावेदारी कर रहे थे। एक वरिष्ठ नेता के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने पार्टी का संभावित प्रत्याशी मानते हुए लंबे समय से इलाके में पुरजोर तरीके से प्रचार अभियान भी चला रखा था।
आरोप है कि इंद्रजीत को टिकट देते समय उनकी राय नहीं ली गई। इससे वह इस कदर नाराज हुए कि अपने एक करीबी के माध्यम से जदयू का दरवाजा खटखटाने पहुंच गए। आज भी उनके आवास पर उनके नाराज समर्थकों की भारी भीड़ देखी जा सकती है।
उम्मीदवारी को लेकर कांग्रेस में भी मारामारी है। राव इंद्रजीत सिंह के कांग्रेस छोड़ने पर इलाके के कई विधायक खुद को टिकट का मजबूत दावेदार मानने लगे थे। यह सूचना आने पर कि सिंचाई मंत्री कैप्टन अजय यादव को टिकट देने की बात चल रही है।
बाकी दावेदारों ने दिल्ली-चंड़ीगढ़ की दौड़ लगानी शुरू कर दी। इनके तर्क हैं कि एक ही जाति के विभिन्न पार्टियों के कई उम्मीदवार खड़े हो जाने से अजय यादव का जीत पाना कठिन हो जाएगा। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि जो टिकट लेने में नाकाम रहे वही अपनी-अपनी पार्टी की जीत में पलीता लगाने में अधिक सक्रिय रहेंगे।