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दिल्ली : इस्लाम अपनाने वाली महिला ने मीडिया पर लगाए गंभीर आरोप

Tue, 13 Jul 2021 04:17 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Tue, 13 Jul 2021 04:17 PM IST
सार

  • कहा, बताया जा रहा कि विदेशी वित्तपोषण के कारण भारत में धर्मांतरण कैसे हो रहे
  • न्यूज ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड अथॉरिटी (एनबीएसए) से जवाब मांगा

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media of running misleading news says woman who converted to Islam 
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हालही में यूपी निवासी एक महिला द्वारा मुस्लिम धर्म परिवर्तन करने वाली उक्त महिला ने अब मीडिया में उनके प्रति दुर्भावनापूर्ण सामग्री प्रकाशित करने का आरोप लगाते हुए उन पर रोक लगाने की मांग की है। इतना ही नहीं याची ने गलत समाचार प्रकाशित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है। हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर न्यूज ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड अथॉरिटी (एनबीएसए) से जवाब मांगा है।

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न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने याचिका पर इस मामले में जी मीडिया और एक समाचार पत्र को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत को आश्वासन दिया कि महिला को दिल्ली में पूरी तरह से सुरक्षा प्रदान की जाएगी। महिला ने कहा था कि उसे संदेह है कि उसे उत्तर प्रदेश की एजेंसियां जबरदस्ती उत्तर प्रदेश ले जा सकती है।
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महिला की और से पेश वकील तान्या अग्रवाल ने अदालत को बताया कि उनकी मुवक्किला ने 2012 में अपनी मर्जी से और बिना किसी प्रलोभन, धमकी या जबरदस्ती के इस्लाम धर्म अपना लिया था और तब से इसी धर्म का पालन कर रही है। उन्होंने कहा इस साल अपना धर्म परिवर्तन प्रमाणपत्र प्राप्त करने और नाम और धर्म परिवर्तन के संबंध में समाचार पत्रों में एक विज्ञापन प्रकाशित करने के बाद, उसे धमकियां मिलने लगीं और मीडिया में खबर भी उनके नाम और पहचान का खुलासा करते हुए प्रकाशित हुईं। महिला ने दायर अपनी याचिका में कहा कि धर्मपरिवर्तन के कारण उसे और उसके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है और उसके बारे में दुर्भावनापूर्ण सामग्री हर दिन मीडिया में प्रकाशित की जा रही है, जिसे तुरंत रोकने की जरूरत है।
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याचिका में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में छोटे समाचार पत्रों और समाचार पोर्टलों में याचिकाकर्ता के धर्मांतरण के संबंध में पूरी तरह से बेतुका और काल्पनिक विवरण दिया गया। याची के अधिवक्ता ने कहा कि महिला की निजता और गरिमा की रक्षा के लिए मीडिया में उनके प्रति सामग्री प्रकाशित करने पर तुरंत रोक लगायी जाए। उन्होंने कहा समाचारों पत्रों में से एक में यह समझने की कोशिश की गई कि विदेशी वित्तपोषण के कारण भारत में धर्मांतरण कैसे हो रहे हैं, जबकि दूसरे ने धर्मांतरण रैकेट की बात की है।

महिला ने अपनी याचिका में उत्तर प्रदेश पुलिस पर मीडिया नीति संबंधी परामर्श के पूर्ण उल्लंघन में उसकी पहचान से संबंधित दस्तावेज मीडिया में लीक करने का भी आरोप लगाया। याचिका में अदालत से उत्तर प्रदेश राज्य की एजेंसियों को याचिकाकर्ता या राज्य में धर्म परिवर्तन नहीं करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को परेशान नहीं करने का निर्देश देने का आदेश पारित करने का आग्रह किया गया है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल वे उत्तर प्रदेश राज्य और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी नहीं कर रही क्योंकि दोनों इस अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं। अदालत ने फिर भी दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर मामले की अगली सुनवाई नवंबर में तय की है।

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