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नहीं चेते तो यहां भी हो सकता है बड़ा बवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Mon, 29 Sep 2014 11:45 PM IST
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महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) की शिक्षा प्रणाली से हर वर्ष परेशान होने वाले विद्यार्थियों के गुस्से की ज्वाला फरीदाबाद में लंबे समय से धधक रही है, जो कभी भी उग्र रूप ले सकती है।
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हर वर्ष एक ही विषय में सैकड़ों विद्यार्थियों के फेल होने, खराब रिजल्ट, उपस्थित को अनुपस्थित दिखाने एवं अन्य कारणों से एमडीयू पर सवाल खड़े होते रहे हैं।
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जिसको लेकर विद्यार्थियों के गुस्से ने समय-समय पर मुखर रूप लिया। हाइवे जाम, कॉलेज में ताला जड़ने समेत गुस्साए विद्यार्थी भूख हड़ताल पर भी बैठे। इस वर्ष भी राजकीय महिला महाविद्यालय में बीए और बीकॉम के विद्यार्थियों का कंपार्टमेंट आने से छात्राओं का गुस्सा उग्र रूप ले चुका है।
ऐसे में किसी भी दिन यहां भी गुड़गांव जैसी घटना हो सकती है। इतनी बड़ी यूनिवर्सिटी में लचर शिक्षा प्रणाली हर वर्ष ही विद्यार्थियों के गुस्से का कारण बनती है। पिछले वर्षों में हुए हंगामे और विरोध के बाद भी सुधार की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है।
महिला कॉलेज में बीए और बीकॉम की छात्राओं का कंपार्टमेंट आने से गुस्साई छात्राओं ने इसी महीने कॉलेज के गेट पर ताला जड़ने के साथ ही प्राचार्य दफ्तर का घेराव और धरना दिया था। हल नहीं निकलने पर उग्र विरोध की भी चेतावनी है। युवा शक्ति के अजय डागर ने बताया कि इस बार यदि छात्राओं का रिजल्ट नहीं सुधरा तो प्रबंधन और यूनिवर्सिटी उग्र विरोध को तैयार रहें।
ये हुई घटनाएं
-करीब तीन वर्ष पहले बीकॉम की लड़कियों को एक विषय में फेल करने पर महिला कॉलेज में 15 दिन विरोध प्रदर्शन चला। इस दौरान भूख हड़ताल, हाइवे जाम, गेट पर ताला जड़ने के साथ ही छात्राओं ने धरना प्रदर्शन भी किया। विरोध के बाद रिचेकिंग कर छात्राओं को पास किया गया। यह छात्राएं एक सेमेस्टर में 70 फीसदी तक अंक पाई थीं।
-कुछ महीने बाद ही लड़कों के कॉलेज में 350 बीए के विद्यार्थियों को फेल होने पर उग्र विरोध हुआ।
-बीकॉम के 80 विद्यार्थियों का रिजल्ट रोक दिया गया। रिजल्ट पूछने पर प्रति छात्र एक हजार रुपये मांगने का आरोप था। इससे गुस्साए विद्यार्थियों ने तीन दिन तक धरना दिया।
-केएल मेहता कॉलेज में भी बीकॉम का रिजल्ट खराब आने से गुस्साई छात्राओं ने गेट पर कॉलेज प्रबंधन और विश्वविद्यालय प्रबंधन का पुतला फूंका और विरोध जताया।
-इतिहास के प्रोफेसर के कमरे में जूनियर कक्षाओं के विद्यार्थियों द्वारा कॉपी चेक करते पाए जाने पर भी विद्यार्थियों प्रिंसिपल का पुतला फूंका और हंगामा किया था।