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उत्तम नगर हत्या मामला बुधवार तक मकानों पर तोड़फोड़ ना करे एमसीडी : हाईकोर्ट
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दौरान हुई झड़प मामले में दो आरोपियों से जुड़े मकानों पर मंगलवार शाम 4 बजे से बुधवार सुबह 10:30 बजे तक कोई विध्वंस कार्रवाई न करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति अमित बंसल ने जरीना (आरोपी इमरान की मां) और शहनाज की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा, कि एमसीडी को बताएं कि अब से कल सुबह 10:30 बजे तक जब यह मामला सुनवाई के लिए आएगा, तब तक कुछ नहीं होना चाहिए। कल सूचीबद्ध करें।
याचिकाकर्ताओं ने जेजे कॉलोनी, उत्तम नगर स्थित अपने आवासीय मकानों को गैरकानूनी तरीके से तोड़े जाने से सुरक्षा की मांग की। दोनों महिलाओं के वकील ने अंतरिम सुरक्षा देने की गुहार लगाई, जबकि अधिकारियों की ओर से पेश वकील ने मामले को बुधवार को सुनने का अनुरोध किया। जरीना ने अपनी याचिका में कहा कि आरोपी उमर के मकान के हिस्से को एमसीडी द्वारा तोड़े जाने से इलाके में आतंक और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है। इससे उन्हें भी डर है कि बिना उचित प्रक्रिया के उनके मकान को भी ध्वस्त कर दिया जाएगा। 8 मार्च को एमसीडी ने एक आरोपी के परिवार के मकान के हिस्से को नाली पर अवैध निर्माण बताकर ध्वस्त कर दिया था। एमसीडी अधिकारियों का कहना है कि एंटी-इनक्रोचमेंट अभियान में पूर्व नोटिस देने की कोई बाध्यता नहीं है। यह मामला 4 मार्च को होली के दौरान जेजे कॉलोनी में दो पड़ोसी परिवारों के बीच पुराने विवाद के कारण हुई झड़प से जुड़ा है, जिसमें 26 वर्षीय तरुण कुमार की मौत हो गई थी।
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नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दौरान हुई झड़प मामले में दो आरोपियों से जुड़े मकानों पर मंगलवार शाम 4 बजे से बुधवार सुबह 10:30 बजे तक कोई विध्वंस कार्रवाई न करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति अमित बंसल ने जरीना (आरोपी इमरान की मां) और शहनाज की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा, कि एमसीडी को बताएं कि अब से कल सुबह 10:30 बजे तक जब यह मामला सुनवाई के लिए आएगा, तब तक कुछ नहीं होना चाहिए। कल सूचीबद्ध करें।
याचिकाकर्ताओं ने जेजे कॉलोनी, उत्तम नगर स्थित अपने आवासीय मकानों को गैरकानूनी तरीके से तोड़े जाने से सुरक्षा की मांग की। दोनों महिलाओं के वकील ने अंतरिम सुरक्षा देने की गुहार लगाई, जबकि अधिकारियों की ओर से पेश वकील ने मामले को बुधवार को सुनने का अनुरोध किया। जरीना ने अपनी याचिका में कहा कि आरोपी उमर के मकान के हिस्से को एमसीडी द्वारा तोड़े जाने से इलाके में आतंक और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है। इससे उन्हें भी डर है कि बिना उचित प्रक्रिया के उनके मकान को भी ध्वस्त कर दिया जाएगा। 8 मार्च को एमसीडी ने एक आरोपी के परिवार के मकान के हिस्से को नाली पर अवैध निर्माण बताकर ध्वस्त कर दिया था। एमसीडी अधिकारियों का कहना है कि एंटी-इनक्रोचमेंट अभियान में पूर्व नोटिस देने की कोई बाध्यता नहीं है। यह मामला 4 मार्च को होली के दौरान जेजे कॉलोनी में दो पड़ोसी परिवारों के बीच पुराने विवाद के कारण हुई झड़प से जुड़ा है, जिसमें 26 वर्षीय तरुण कुमार की मौत हो गई थी।
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