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Revenue Loss : एमसीडी को उम्मीद से 1,000 करोड़ कम मिला संपत्ति कर, आप की राजनीतिक घोषणा को ठहराया जिम्मेदार
Wed, 16 Apr 2025 06:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा
विनोद डबास, नई दिल्ली
विनोद डबास, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 16 Apr 2025 06:03 AM IST
सार
एमसीडी को इस अवधि में केवल 2132.89 करोड़ रुपये ही प्राप्त हो सके, जो उसके संशोधित बजट लक्ष्य 3121 करोड़ रुपये से लगभग 1000 करोड़ रुपये कम है।
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एमसीडी मुख्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एमसीडी को वित्तीय वर्ष 2024-25 में संपत्ति कर से मिलने वाले राजस्व में भारी गिरावट का सामना करना पड़ा है। एमसीडी को इस अवधि में केवल 2132.89 करोड़ रुपये ही प्राप्त हो सके, जो उसके संशोधित बजट लक्ष्य 3121 करोड़ रुपये से लगभग 1000 करोड़ रुपये कम है।
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यह आंकड़ा वर्ष 2023-24 की तुलना में भी कम है, जब एमसीडी को 2163.57 करोड़ रुपये की संपत्ति कर की वसूली हुई थी। एमसीडी ने इस गिरावट के पीछे अप्रत्यक्ष रूप से आम आदमी पार्टी की ओर से फरवरी 2025 में की गई एक राजनीतिक घोषणा को जिम्मेदार ठहराया है।
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आम आदमी पार्टी ने 100 वर्ग गज तक की संपत्तियों को 100 प्रतिशत छूट और 100 से 500 वर्ग गज तक की संपत्तियों को 50 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की थी। एमसीडी अधिकारियों के अनुसार, इस घोषणा से लोगों में भ्रम की स्थिति बन गई और बड़ी संख्या में करदाताओं ने यह मान लिया कि अब उन्हें टैक्स देने की जरूरत नहीं है। इस मानसिकता के चलते कर भुगतान में भारी गिरावट आई।
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एमसीडी ने वित्त वर्ष 2024-25 की शुरुआत में संपत्ति कर से 4300 करोड़ रुपये जुटाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा था, जिसे बाद में संशोधित कर 3121 करोड़ रुपये किया गया। हालांकि साल के अंत में वास्तविक प्राप्ति केवल 2132.89 करोड़ रुपये ही रह गई, जिससे साफ है कि एमसीडी की राजस्व योजना पूरी तरह विफल रही।
एमसीडी के अनुसार, लोगों में गलतफहमी पैदा होने का सबसे बड़ा कारण यह था कि छूट की घोषणा का कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया, लेकिन राजनीतिक रूप से इस पर खूब प्रचार किया गया। हालांकि एमसीडी ने इस बारे में स्पष्टीकरण जारी किया था, मगर लोगों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। एमसीडी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए संपत्ति कर से 4000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया है, लेकिन पिछले वर्ष के अनुभव और गिरती हुई वसूली दर को देखते हुए यह लक्ष्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
एमसीडी की आय का बड़ा हिस्सा संपत्ति कर से आता है और इसी से वह सफाई व्यवस्था, सड़कों की मरम्मत, पार्कों के रखरखाव, स्ट्रीट लाइट, जल निकासी जैसी बुनियादी सेवाएं संचालित करती है। यदि वसूली इसी प्रकार कम होती रही, तो इसका सीधा असर इन सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ेगा और आमजन को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।