ये मेट्रो का सबसे अनोखा इंटरचेंज
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मेट्रो फेज-तीन लाइन पर मुकुंदपुर शिव विहार लाइन के गुजरने से मयूर विहार फेज-1 इंटरचेंज सबसे अलग, खास व ऊंचा होगा। नया इंटरचेंज स्टेशन जमीन से 20 मीटर की ऊंचाई पर बनेगा।
जबकि द्वारका सेक्टर 21 से नोएडा सिटी सेंटर के बीच चलने वाली ब्लू लाइन पर बना वर्तमान मयूर विहार फेज-1 मेट्रो स्टेशन जमीन से महज 10 मीटर हाइट पर है। इंटरचेंज व स्टेशन तक आने जाने के लिए स्काईवॉक की व्यवस्था होगी।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की राजधानी समेत एनसीआर को जोड़ती आठ लाइनों में से मयूर विहार फेज-1 इंटरचेंज दो मेट्रो स्टेशनों की ऊंचाई में अंतर, इंटरचेंज के लिए स्काईवॉक-वे और नोएडा फ्लाईओवर से चल रही ब्लू लाइन मेट्रो के ऊपर से गुजरने वाली मुकुंदपुर शिव विहार मेट्रो लाइन के चलते सबसे अलग और अहम प्रोजेक्ट है।
क्या है मैजनाइन लेवल?
मयूर विहार फेज-वन पर मुकुंदपुर शिव विहार मेट्रो लाइन बीस मीटर की ऊंचाई पर होगी और उसके नीचे से नोएडा हाई फ्लाईओवर व ब्लू लाइन एलीवेटिड ट्रैक गुजरेगा।
दिल्ली मेट्रो की एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों में सिर्फ दो ही लेवल होते हैं, जिसमें कोनकोर्स (सुरक्षा व सामान जांच के बाद टोकन से एंट्री करना) और फ्लेटफॉर्म (जहां से ट्रेन लेते हैं) होते हैं।
लेकिन इन दोनों (मयूर विहार फेस-1 और मयूर विहार फेज-1 इंटरचेंज ) को जोड़ने के लिए दोनों स्टेशनों के बीच एक एक्स्ट्रा लेवल बनाया जाएगा, जिसे मैजनाइन लेवल कहा जाता है। नए और पुराने स्टेशन के बीच आने-जाने के लिए इसी लेवल से जाना होगा। यह जमीन से आठ मीटर की ऊंचाई पर बनेगा। जबकि कोनकोर्स 12 मीटर और फ्लेटफॉर्म लेवल 20 मीटर की ऊंचाई पर होगा।
आईलैंड शेप नहीं अब होंगे साइड प्लेटफार्म
फेस-1 स्टेशन जहां आईलैंड शेप वाला प्लेटफार्म है, जिसके दोनों छोर से अप एंड डाउन लाइन की ट्रेनें आती-जाती हैं। वहीं, मयूर विहार फेस-1 इंटरचेंज स्टेशन पर साइड प्लेटफार्म बनाए जाएंगे।
यानी की यहां से मेट्रो लेकर आपको जिस तरफ जाना है, उसी तरफ के फ्लेटफार्म पर जाकर ट्रेन पकड़नी होगी। इंटरचेंज स्टेशन में आने-जाने के लिए तीन एंट्री व एग्जिट गेट बनाए जाएंगे। यहां मैजनाइन से कोनकोर्स लेवल पर आने-जाने के लिए एक लिफ्ट और चार एस्केलेटर्स लगाए जाएंगे।
अभी मयूर विहार फेस-1 मेट्रो स्टेशन में हर दिन करीब 40 हजार यात्री आते-जाते हैं। जबकि 2015 के आखिर में जब यह लाइन शुरू होगी तो नए इंटरचेंज स्टेशन खुल जाने के बाद यहां करीब डेढ़ लाख से अधिक नए यात्री जुड़ेंगे। मुकुंदपुर शिव विहार लाइन पर सराय काले खां के अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन से निकलने के बाद मेट्रो यमुना से पहले ही एलिवेटेड ट्रैक पर चढ़ जाएगी। यमुना को पार करते हुए मयूर विहार फेस-1 तक लगातार ऊंचाई तक पहुंचेगी।
एलीवेटिड ट्रैक को इंटरचेंज से जोड़ना बड़ी चुनौती
यमुना के बाद यमुना किनारे व खेतों को पार करने के बाद सीधे नोएडा लिंक रोड के ऊपर और उसके बाद अक्षरधाम से नोएडा की ओर जाने वाले वन-वे फ्लाईओवर को क्रॉस करने के बाद ब्लू लाइन मेट्रो के एलीवेटिड ट्रैक से होकर गुजरेगी।
फ्लाईओवर से आगे सौ मीटर की दूरी पर ब्लू लाइन का एलीवेटिड ट्रैक है, जिसके ऊपर ट्रेन के अलावा हाईपावर एक्सटेंशन वायर भी हैं। इसके चलते ट्रैक एकदम ऊंचाई लेगी। पुराने स्टेशन से नए स्टेशन की ओर जाने के लिए एल शेप होगी।
रोड के दोनों ओर बेहद कम जगह होने के चलते मेट्रो ने अपनी तकनीक में यहां पर बदलाव सिंगल पिलर्स पर 140 मीटर लंबा स्टेशन बॉक्स डिजाइन की है। इसके लिए पिलर खड़ा करके उसके ऊपर कैंटीलीवर लगाए जाएंगे और उन पर स्टेशन बॉक्स बनेगा। दिल्ली मेट्रो का पहला ऐसा एलिवेटेड स्टेशन होगा, जोकि सिंगल पिलर पर खड़ा होगा।
स्काई वॉक होगा सबसे अलग
मयूर विहार फेस -1 इंटरचेंज आठ मीटर चौड़ा और 110 मीटर लंबा होगा। खास बात यह है कि नीचे सड़क और आगे डीडीए फ्लैट हैं। जगह की कमी के चलते इसे सिंगल पिलर पर बनाया जाएगा।
स्काई वॉक का एक छोर पुराने स्टेशन के कोनकोर्स लेवल से तो दूसरा छोर नए स्टेशन के मैजनाइन लेवल से कनेक्ट होगा। दोनों स्टेशनों के बीच पेड टू पेड कनेक्टिविटी होगी।
दोनों स्टेशनों की बिल्डिंग को आपस में कनेक्ट करना बेहद चुनौतीभरा है। इसलिए खास तरह को वॉक-वे बनाया जाएगा। दोनों छोर पर एस्केलेर्ट्स व लिफ्ट लगाए जाएंगे।