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Delhi: पानी संकट से निजात की उम्मीद बने 101 जलाशयों का कायाकल्प महाअभियान शुरू, संधू ने आरंभ किया संचय अभियान
Sun, 17 May 2026 02:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 17 May 2026 02:21 AM IST
सार
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधु ने शनिवार को पश्चिम विहार के डिस्ट्रिक्ट पार्क से डीडीए के जल संचय अभियान का शुभारंभ किया। इसके तहत पहले चरण में दिल्ली के 101 प्रमुख जलाशयों का कायाकल्प किया जाएगा, जिसका सीधा उद्देश्य राजधानी के रसातल में जा रहे भूजल को फिर से जीवित करना है।
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अभियान की शुरुआत करते एलजी संधू...
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
भीषण गर्मी और गहराते जल संकट से निजात पाने के लिए राजधानी में बड़ी पहल शुरू हुई है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधु ने शनिवार को पश्चिम विहार के डिस्ट्रिक्ट पार्क से डीडीए के जल संचय अभियान का शुभारंभ किया। इसके तहत पहले चरण में दिल्ली के 101 प्रमुख जलाशयों का कायाकल्प किया जाएगा, जिसका सीधा उद्देश्य राजधानी के रसातल में जा रहे भूजल को फिर से जीवित करना है।
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यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि दिल्ली ऐतिहासिक रूप से अपनी बावलियों, जलाशयों और प्राकृतिक धाराओं के लिए जानी जाती थी, जो शहरीकरण और अतिक्रमण की भेंट चढ़ गए। उपराज्यपाल ने कहा कि यह केवल जलाशयों के सौंदर्यीकरण का प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि पारिस्थितिक संतुलन और स्थायी शहरी विकास की दिशा में एक ठोस कदम है।
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मानसून के पानी को सहेजने की तैयारी
उपराज्यपाल ने निर्देश दिए कि पहले चरण के तहत चिह्नित सभी 101 जलाशयों के जीर्णोद्धार का काम 30 अगस्त तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। इसके पीछे मुख्य रणनीति यह है कि मानसून की बारिश शुरू होने से पहले इन जलाशयों की ड्रेजिंग (मिट्टी निकालना), खुदाई और सफाई का काम पूरा हो जाए। इन जलाशयों के प्राकृतिक जलग्रहण (कैचमेंट) चैनलों को भी साफ किया जा रहा है, ताकि बारिश का एक-एक बूंद पानी बिना किसी रुकावट के इन तालाबों तक पहुंचे और जमीन के भीतर जाकर भूजल स्तर को बढ़ा सके।
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द्वारका-दक्षिण दिल्ली पर खास फोकस
डीडीए के पास कुल 822 जलाशय हैं, जिनमें से 424 को कयाकल्प के लिए चुना गया है। उनमें से 101 पर युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया गया है। जल संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित रहने वाले इलाकों को इस योजना में प्राथमिकता दी गई है। करीब 155 हेक्टेयर (383 एकड़) क्षेत्र में फैले इन 101 जलाशयों में सबसे अधिक 22 जलाशय द्वारका जोन में हैं। इसके अलावा दक्षिण दिल्ली में 13, रोहिणी में 17 और नरेला में 6 जलाशयों का कायाकल्प किया जाएगा। पश्चिम विहार के जिस डिस्ट्रिक्ट पार्क से अभियान शुरू हुआ, वहां का 1.47 हेक्टेयर का जलाशय भी इस सूची में शामिल है।
दूसरे चरण में लगेंगे एसटीपी
अभियान के दूसरे चरण की रूपरेखा भी तैयार कर ली गई है, जिसे मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस चरण में जलाशयों की घेराबंदी (फेंसिंग), तटबंधों को मजबूत करना और जहां संभव हो, वहां छोटे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाना शामिल है, ताकि जलाशयों में केवल साफ पानी ही रहे। इनके चारों ओर बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा, ताकि ये इलाके दिल्ली के ‘फेफड़ों’ के रूप में भी काम कर सकें। इस अवसर पर विधायक करनैल सिंह और डीडीए उपाध्यक्ष एन. सरवन कुमार भी मौजूद रहे।
नक्शे पर फिर से दिखेंगे तालाब
महाभियान के तहत दिल्ली के अलग-अलग कोनों में स्थित जिन 101 जलाशयों को पुनर्जीवित किया जा रहा है। इनमें...
- द्वारका क्षेत्र के बामनोली, हसनपुर, झरोदा कलां, खरखरी रोड, टिकरी कलां, छावला (दो जलाशय), पिंडवाला कलां (तीन जलाशय), झुलझुली (दो जलाशय), काजीपुर, रेवला खानपुर, बपरोला (दो जलाशय), कमरुद्दीन नगर, मुंडका, बक्करवाला (दो जलाशय), हस्तसाल और दीनदारपुर शामिल हैं
- दक्षिण दिल्ली में राजपुर खुर्द, मैदानगढ़ी, किशनगढ़, चिराग दिल्ली, रंगपुरी (दो जलाशय), कापसहेड़ा, महिपालपुर, रजोकरी (तीन जलाशय), मदनगीर और घिटोरनी की सूरत बदली जाएगी
- रोहिणी क्षेत्र में कटेवड़ा (दो जलाशय), सुल्तानपुर डबास, रानी खेड़ा (दो जलाशय), मदनपुर डबास, नंगल ठाकरान (दो जलाशय), चांदपुर, बुधनपुर माजरा (दो जलाशय), जाटखोड़, बवाना, गढ़ी रंधाला (दो जलाशय), सावदा और निठारी को चुना गया है।
- नरेला जोन से बांकनेर (दो जलाशय), मामूरपुर, टिकरी खुर्द (दो जलाशय) और लामपुर इस सूची का हिस्सा हैं
- उत्तरी और अन्य इलाकों के अकबरपुर माजरा, अलीपुर, बख्तावरपुर (तीन जलाशय), बुढपुर बीजापुर, हिरनकी (दो जलाशय), इब्राहिमपुर, खेड़ा कलां, नंगली पूना, समयपुर, सिरसपुर, तिगीपुर, साहीपुर, बुराड़ी और कमलपुर माजरा बुराड़ी (चार जलाशय), शाहबाद मोहम्मदपुर, पश्चिम विहार का डिस्ट्रिक्ट पार्क, मादीपुर (दो जलाशय), किलोकरी, कालिंदी अविरल (तीन जलाशय), घोंडा गुजरान खादर, उस्मानपुर, केएन रिज की खूनी झील (सर्पेन्टाइन लेक), झड़ोदा माजरा, टोडापुर (तीन जलाशय), तिहाड़ झील, हर्ष विहार पीतमपुरा, रोहिणी सेक्टर-20 और 23 के जलाशय, रिठाला, बदरपुर का सुभाष कैंप, स्मृति वन नरेला, कालकाजी का आस्था कुंज और भलस्वा जैसे महत्वपूर्ण जल निकायों को नया जीवन दिया जाएगा