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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   March to Parliament' rally violence: FIR registered under 13 sections, including attempted murder; over 2,500 people identified.

संसद चलो’ रैली हिंसा: हत्या के प्रयास समेत 13 धाराओं में प्रथिमिकी, 2500 से अधिक लोगों की पहचान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2026 09:44 PM IST
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March to Parliament' rally violence: FIR registered under 13 sections, including attempted murder; over 2,500 people identified.
शनिवार को आंदोलन समा​प्ति से पहले हुई झड़प में घायल पुलिसकर्मी। - फोटो : Amar Ujala
कर्तव्य पथ पर पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में 200 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए; सीसीटीवी व डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
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पुरुषोत्तम वर्मा
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की 20 जुलाई को आयोजित ‘संसद चलो’ रैली के दौरान कर्तव्य पथ और रफी मार्ग क्षेत्र में हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने हत्या के प्रयास समेत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की 13 धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने संसद के उच्च सुरक्षा क्षेत्र में प्रवेश करने का प्रयास किया और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला किया।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की तथा रफी मार्ग पर पुलिस पर पथराव, चप्पल और अन्य वस्तुएं फेंकीं। कई पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट भी की गई, जिससे अनेक अधिकारी घायल हुए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, झड़प में 200 से अधिक पुलिसकर्मी और 60 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं।
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कर्तव्य पथ थाने में एक पुलिस निरीक्षक की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी में बीएनएस की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास) के अलावा दंगा, गैरकानूनी जमावड़ा, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी धाराएं शामिल की गई हैं।
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दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच स्पेशल सेल और अपराध शाखा को सौंपी है। पुलिस का दावा है कि रैली में बड़ी संख्या में आपराधिक प्रवृत्ति के लोग शामिल थे। शनिवार को पूरे क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखी गई और वीडियोग्राफी कराई गई, ताकि घटनाक्रम से जुड़े सभी साक्ष्य सुरक्षित किए जा सकें। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजीव रंजन ने बताया कि अब तक 2500 से अधिक संदिग्ध एवं आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की पहचान की जा चुकी है। उनकी पहचान सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन से बनाए गए वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि यदि किसी प्राथमिकी में किसी छात्र का नाम सामने आता है, तो केवल नाम दर्ज होने के आधार पर उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई केवल उन लोगों के खिलाफ होगी, जिनकी हिंसा और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता जांच में प्रमाणित होगी।
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