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Delhi: छोटी अड़चनें सिग्नल फ्री सफर में बाधा, पेड़, तार समेत अन्य दिक्कतों से तय समय पर नहीं पूरे हुए फ्लाईओवर

Sun, 12 May 2024 07:41 AM IST
विजय पुंडीर धनंजय मिश्रा, अमर उजाला, नई दिल्ली
धनंजय मिश्रा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Sun, 12 May 2024 07:41 AM IST
सार

राजधानी में कई फ्लाईओवर का काम 70 से 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है, लेकिन पेड़, तार और पोल समेत अन्य छोटी अड़चनों से निर्माण कार्य में रुकावट बन गई है। राजधानी में चार फ्लाईओवर ऐसे हैं जिनकी डेडलाइन करीब-करीब खत्म हो चुकी है मगर काम अब भी बाकी है।

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Many flyovers were not completed on time due to trees, wires and other problems
आनंद विहार अप्सरा बॉडर पर बने फ्लाइओवर पर लगा पेड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए राजधानी में कई फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं। इनमें कई ऐसे फ्लाईओवर भी हैं जिन्हें मार्च से जुलाई तक जनता के लिए शुरू करना है, लेकिन इनके निर्माण में छोटी-छोटी अड़चनें बड़ी रुकावट बन गई हैं। ऐसे में निर्माण कार्य कब पूरा होगा इसकी समय सीमा तय नहीं की जा सकी है। दरअसल, इन फ्लाईओवर का काम 70 से 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है, लेकिन पेड़, तार और पोल समेत अन्य छोटी अड़चनों से निर्माण कार्य में रुकावट बन गई है। राजधानी में चार फ्लाईओवर ऐसे हैं जिनकी डेडलाइन करीब-करीब खत्म हो चुकी है मगर काम अब भी बाकी है।

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पश्चिमी दिल्ली एलिवेटेड कॉरिडोर जोकि क्लब रोड (पंजाबी बाग) और मोती नगर में फ्लाईओवर को जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है, इस पर दोबारा काम होगा और प्रोजेक्ट पूरा होने में समय लगेगा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों के अनुसार, सड़कें चौड़ी करने और कैरिज्वे क्लीयर करने को पेड़ों के प्रत्यारोपण के लिए अंतिम मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। इसकी डेडलाइन 31 जुलाई है लेकिन परियोजना में देरी होगी।
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अधिकारियों का कहना है कि विभाग को नहीं पता अगली डेडलाइन क्या होगी। यहां पर निर्माण में दो बड़ी बाधाएं आ रही हैं। इसकी वजह से धौला कुआं और पंजाबी बाग के बीच मेन रोड पर ट्रैफिक रुक रहा है। अधिकारियों ने बताया कि क्लब रोड फ्लाईओवर को डेवलप करने के लिए कैरिज्वे को क्लियर करना पड़ेगा, जिसके लिए 30 से ज्यादा पेड़ों को प्रत्यारोपित या काटने की जरूरत है।

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बारापूला फेज-3 का निर्माण कार्य 90% पूरा
बारापूला फेज-3 परियोजना का निर्माण कार्य 90 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है, लेकिन सराय काले खां के आसपास लगभग 270 पेड़ों को काटने या हटाने की अनुमति नहीं मिली है। इस 3.5 किमी लंबे स्ट्रेच का निर्माण अप्रैल 2015 में शुरू हुआ था, लेकिन भूमि अधिग्रहण से जुड़ीं दिक्कतों (0.2 एकड़ का अधिग्रहण अभी भी बाकी है) के कारण इसमें कई देरी हुई। यह प्रोजेक्ट 90 प्रतिशत से ज्यादा पूरा हो चुका है। इसमें बिलों की मंजूरी और ट्री ट्रांसप्लांटेशन जैसी बाधाएं आ रही हैं। इसी तरह यमुनापार में मंगल पांडे मार्ग पर नंद नगरी और गगन सिनेमा जंक्शन के बीच 1.5 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर के काम में 3-4 महीने की देरी हो गई है। इस कॉरिडोर पर काम जून या जुलाई 2024 तक पूरा होना था, लेकिन अब समय सीमा अक्तूबर तक बढ़ा दी गई है। 

पेड़ निर्माण में बने बाधा
पूर्वी दिल्ली के अप्सरा बाॅर्डर से आनंद विहार के बीच बन रहे छह-लेन के फ्लाईओवर का निर्माण कार्य 70 पेड़ों और हाइटेंशन पोल के चलते तय समय पर पूरा नहीं हो पाया है। पेड़ स्थानांतरित करने की अभी अनुमति नहीं मिल पाई है। वहीं पास के गैस एजेंसी के नजदीक और पेट्रोल पंप व बिजली घर के बीच हाइटेंशन पोल के चलते अंतिम चरण के बचे कार्य पूरे नहीं हुए हैं। इस निर्माण के चलते वहां से वाहन चालकों को आने-जाने में जाम का सामना करना पड़ रहा हैै। वर्तमान में फिलहाल यह तय नहीं हो पाया है कि कब निर्माण कार्य पूरा होगा।

अक्तूबर 2022 में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 272 करोड़ रुपये की लागत की इस परियोजना का शिलान्यास किया था। उस समय फ्लाईओवर के निर्माण कार्य को पूरा करने की समय-सीमा दिसंबर 2023 तय की गई थी, लेकिन प्रदूषण का स्तर बढ़ने से ग्रैप लागू होने से काम में रुकावट आई। इसके बाद परियोजना की तय समय-सीमा को बढ़ाकर अप्रैल 2024 किया गया था, लेकिन यह समय सीमा भी समाप्त हो चुकी है।

लालबत्ती में बदलाव कर पश्चिम दिल्ली को जाम से मिली राहत
ट्रैफिक पुलिस ने पश्चिम दिल्ली की करीब 60 लालबत्ती के समय में बदलाव कर जाम की कॉल्स को काफी कम किया है। इससे न सिर्फ वाहनों को रफ्तार मिली है, बल्कि दुर्घटनाओं की संभावनाएं भी कम हुईं हैं। 

वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मौके पर ड्यूटी कर रहे ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के अनुभवों को देखते हुए समय में बदलाव किया गया है। मार्च में पश्चिम रेंज में ट्रैफिक जाम की कुल 447 कॉल मिलीं थीं। बदलाव के बाद अप्रैल में इनकी संख्या महज 378 रह गई। पश्चिम रेंज के पुलिस उपायुक्त सौरव चंद्रा के अनुसार, पश्चिम रेंज के कई इलाकों में द्वारका, नांगलोई और पश्चिम विहार में यातायात का खासा दबाव देखा जा रहा था। काफी सोच विचार और ट्रैफिक सिग्नल पर तैनात कर्मियों से बातचीत के बाद कुछ लालबत्ती के समय में बदलाव की योजना बनाई गई।

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