यहां आज भी प्रधानमंत्री हैं 'मनमोहन सिंह'
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सात अप्रैल से शुरू हुई लोकसभा चुनाव प्रक्रिया 12 मई को समाप्त हो गई। 16 मई को चुनाव परिणाम की घोषणा कर दी गई और 26 मई को नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन गए।
लेकिन, यहां न तो सांसद बदले और न ही प्रधानमंत्री। और ये जगह है फरीदाबाद। यह कुछ अचरज की बात है, लेकिन तस्वीरें कुछ यही बयां कर रही हैं। नई सरकार के गठन को 50 दिन पूरे हो गए, लेकिन कार्यालयों में अभी भी मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री के रूप में सुशोभित हो रहे हैं।
‘अमर उजाला’ ने जब इसकी पड़ताल की तो देखा कि कई अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अपने कार्यालय में लगे कलेंडर को नहीं बदला है।
प्रधानमंत्री तो मनमोहन सिंह ही रहेंगे!
नेताओं की बात तो दूर, समय के साथ चलने और हमेशा चौकन्ना रहने का दावा करने वाले प्रशासनिक अधिकारी भी बेपरवाह हैं। अतिरिक्त जिला उपायुक्त प्रदीप गोदारा, नगर निगम सभागार, निगम के प्रस्थापना अधिकारी बलबीर सिंह पंवार, डीटीपी रवि सिंगला समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तरों में कलेंडर आज तक नहीं बदले गए। न ही मनमोहन सिंह की तस्वीर ढंकी गई।
नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर मुकेश शर्मा के दफ्तर में भी पुरानी तस्वीर शोभा बढ़ा रही है। सांसद की बात करें तो इस चुनाव में पराजित हुए कांग्रेस प्रत्याशी अवतार सिंह भड़ाना का ओल्ड चौक समेत शहर के कई हिस्सों में लगे बोर्ड में आज भी उल्लेख है।
जबकि यह बोर्ड नगर निगम द्वारा ही लगाया गया है। अब सवाल यह है कि नगर निगम आयुक्त फरीदाबाद के सांसद अवतार सिंह भड़ाना को मानते हैं या कृष्णपाल गुर्जर को।
हो सकती है कानूनी कार्रवाई
एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट पद्मश्री डॉ. ब्रहमदत्त कहते हैं कि देश में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के पद संवैधानिक माने जाते हैं। सभी तस्वीरों में इन्हीं को प्रदर्शित किया जाता है।
संविधान के प्रावधानों के तहत नई सरकार बनने पर तस्वीरों को बदल दिया जाता है अथवा उसे ढंक दिया जाता है।
यह जानते हुए कि ऐसा करना गलत है, फिर भी कोई उसे नजरअंदाज करता है तो गंभीर मामला बनता है। यदि अधिकारियों और नेताओं ने प्रधानमंत्री की तस्वीर नहीं बदली है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।