फिर झलकी सिसोदिया के बयान में मीडिया के लिए झुंझलाहट
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आप सरकार के पहले दिन के कामकाज के बाद उठा मीडिया पर सचिवालय में पाबंदी का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। सरकार विपक्षी दलों और मीडिया की आलोचनाओं से घिर गई है।
इसी संदर्भ में आज दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा है कि मीडिया पर कोई बैन नहीं लगा है। उन्होंने ये भी कहा कि सरकार रोजाना साक्षात्कार दे रही है लेकिन अगर मीडिया सरकार को जनता से बात नहीं करने देगी तो यह बात गलत होगी।
मीडिया पर लगी पाबंदी को लेकर आलोचनाएं झेल रही आप सरकार ने कहा कि, 'पहले सरकार जनता से बात करेगी, फिर काम करेगी उसके बाद अगर समय बचा तो मीडिया से बात करेगी। इसे पाबंदी कह कर बदनाम करना ठीक नहीं है।'
यहां से उपजा मीडिया पाबंदी विवाद
सचिवालय में मीडिया की एंट्री को लेकर बीते सोमवार को दिनभर गहमा-गहमी चलती रही थी। हालात यहां तक आ गए थे की फोटो जर्नलिस्ट ने कैबिनेट का फोटो सेशन नहीं किया तो उप मुख्यमंत्री की प्रेस कांफ्रेंस भी नहीं हो सकी। मनीष सिसोदिया बीच में कांफ्रेंस छोड़कर चले गए।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल करीब 12 बजे दिल्ली सचिवालय पहुंचे लेकिन मीडियाकर्मियों का प्रवेश उससे पहले बंद था। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और फोटो जर्नलिस्ट बड़ी संख्या में कैबिनेट की पहली बैठक कवर करने पहुंचे थे लेकिन सुरक्षा गेट से आगे प्रवेश नहीं होने के कारण मीडिया रूम या सड़क फुटपाथ पर बैठे रहे। इस बीच मीडिया कर्मियों को डीआईपी कार्ड होने की दशा में लंच के लिए कैंटीन तक प्रवेश दिया गया।
मीडिया कर्मियों ने गुस्से में आकर इस बीच कैबिनेट फोटो सेशन के लिए आमंत्रण मिलने पर उसके बहिष्कार का फैसला किया। सरकार पहले अपना फैसला स्पष्ट करे उसके बाद कवरेज हो।
कैबिनेट बैठक 4 बजे थी। इस बीच मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार ने आकर मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत की। जब उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया कैबिनेट फैसले की जानकारी देने मीडिया सेंटर में आए तो उनसे सवाल पूछे गए।