जीएसटी अच्छा कानून, प्रावधान और प्रक्रिया से डिजास्टर का डर : सिसोदिया
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वित्त विभाग संभाल रहे दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को 32 ट्रेड एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद कहा कि वस्तु एवं सेवा कर कानून अच्छा है लेकिन इसके प्रावधान और लागू करने की प्रक्रिया में दिक्कत है।
कानून को लागू करने की प्रक्रिया, वस्तुओं के स्लैब तय करने में अभी और बातचीत की जरूरत है। कर दर को जितना कम रखेंगे और सरल बनाएंगे, उतना फायदा होगा। कहीं जल्दबाजी में व्यापारी व जनता की दिक्कत के पहलू पर चर्चा के बिना लागू करने से विपत्ति(डिजास्टर) पैदा ना हो जाए।
सिसोदिया ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि व्यापारियों ने दिक्कतें सामने रखी हैं उसमें सबसे महत्वपूर्ण 18 फीसदी और 28 फीसदी कर दर स्लैब में रखी गई वस्तुओं को लेकर है। ज्यादा कर रखेंगे तो कर चोरी बढ़ेगी।
जो दिल्ली के व्यापारियों ने बताया वो आम आदमी की भी दिक्कत है, यही पूरे देश का हाल है। यही वजह है कि व्यापारी संगठनों ने जो दिक्कतें गिनवाई हैं, उसे 3 जून को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में रखूंगा, सभी डाटा दूंगा।
मेक इन इंडिया और स्वच्छता अभियान का क्या होगा
सिसोदिया के अनुसार, ऑप्टिकल एसोसिएशन प्रतिनिधियों ने बताया कि चश्मा लग्जरी सूची में डालकर 18 फीसदी कर सूची में डाला है, जबकि नजर की बढ़ती दिक्कत के बीच चश्मा लग्जरी नहीं जरूरी है।
मार्बल एसोसिएशन ने बताया कि दिल्ली सरकार ने मार्बल पर कर घटाकर 5 फीसदी किया था, अब 28 फीसदी के स्लैब में रखा है, जिससे घर बनाना और किचन-बाथरूम मरम्मत महंगा हो जाएगा।
होटल एसोसिएशन ने बताया कि महज दैनिक 1000 रुपये से ऊपर के होटल के कमरे को 12 से 28 फीसदी कर दर में शामिल किया है। आप सरकार ने 1500 रुपये दैनिक के बाद लग्जरी कर लगाया।
पर्यटन घटेगा, थाईलैंड में महज 6 फीसदी कर है। ऑटो पार्ट्स, बाथरूम फिटिंग्स, इलेक्ट्रिकल्स, पेपर फाइल पर 28 फीसदी कर लगाने के अलावा कटोरी पर 12 फीसदी तो चम्मच पर 18 फीसदी लगाया है।
मेक इन इंडिया और स्वच्छता अभियान का क्या होगा
मनीष सिसोदिया ने कहा, व्यापारियों की चिंता है कि ज्यादातर आइटम पर 28 फीसदी कर स्लैब है, जिससे बड़े-बड़े उद्योगपतियों को फायदा होगा। लेकिन ‘मेक इन इंडिया’ का क्या होगा? छोटे उद्योग खत्म होंगे। सिसोदिया ने यह भी कहा कि झाड़ू पर भी कर लगा दिया, हमारा बेशक चुनाव निशान है लेकिन स्वच्छ भारत अभियान का क्या होगा।