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Delhi: सिसोदिया बोले- नवीकरणीय उर्जा स्रोतों से पूरी होगी बिजली की मांग, तीन साल में 6000 मेगावाट होगा उत्पादन
Fri, 10 Feb 2023 02:02 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 10 Feb 2023 02:02 AM IST
सार
सिसोदिया ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली के लोगों को 24 घंटे बिजली दी जाती है। इसकी दर देश में सबसे कम है।
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Manish Sisodia
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उर्जा के क्षेत्र में दिल्ली को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केजरीवाल सरकार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता में उर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ गुरुवार को एक अहम बैठक में आगामी सालों में दिल्ली की उर्जा जरुरतों को पूरा करने के लिए सरकार की तैयारियों पर गहनता से चर्चा हुई।
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बैठक में अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में जून, 2022 में बिजली की सर्वाधिक मांग 7695 मेगावाट रही। वर्तमान में डिस्कॉम क साथ 8471 मेगावाट के कुल बिजली के लिए साझेदारी है। इनमें से 33 फीसदी बिजली यानी करीब 2826 मेगावाट बिजली, उर्जा के नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त होता है। इसमें मुख्य रूप से सौर और पवन उर्जा शामिल हैं, जिससे करीब 2,000 मेगावाट बिजली मिलती है।
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हाल ही में केजरीवाल सरकार की ओर से ड्राफ्ट सोलर पॉलिसी 2022 के बारे में जानकारी साझा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि इसके तहत दिल्ली में लोगों को रूफटॉप पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। लोगों के इसके लिए प्रति यूनिट दो से तीन रुपये का उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (जीबीआई) भी दिया जाएगा। वाणिज्यिक क्षेत्र के लिए यह एक रुपये प्रति यूनिट होगा। इसके लिए प्रति उपभोक्ता प्रति किलोवाट 2,000 रुपये की सब्सिडी भी दी जाएगी जो अधिकतम 10,000 रुपये होगी। इसके अतिरिक्त 500 वर्ग मीटर और उससे अधिक के रूफटॉप क्षेत्र के सभी सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल होगा। इन पहलों के माध्यम से दिल्ली में अगले तीन वर्षों में 500 मेगावाट अतिरिक्त रूफटॉप सौर संयंत्र स्थापित किया जा सकेगा|
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1100 मेगावाट नवीनीकरणीय ऊर्जा की होगी आपूर्ति
अधिकारियों ने बताया कि डिस्कॉम 3000 मेगावाट की अतिरिक्त नवीकरणीय उर्जा के लिए एजेंसियों के साथ चर्चा कर रही है। सौर ऊर्जा निगम (एसईसीआई) के 1000 मेगावाट सौर और 111 मेगावाट पवन उर्जा संयंत्र के शुरू होने के बाद दिल्ली को 1100 मेगावाट नवीकरणीय उर्जा और मिल सकेगी। फिलहाल करीब 2100 मेगावाट नवीकरणीय उर्जा उत्पादन के लिए परियोजनाओं पर काम चल रहा है। अगले तीन सालों में दिल्ली में 6000 मेगावाट बिजली उत्पादन कर सकेगी जो पूरी तरह से उर्जा के नवीकरणीय स्रोतों पर आधारित होंगे। इससे दिल्ली की उर्जा की मांग को पूरा करने सहित 24 घंटे बिजली की आपूर्ति के साथ साथ प्रदूषण कम करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
दिल्ली में बिजली दर सबसे कम
इस मौके पर सिसोदिया ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली के लोगों को 24 घंटे बिजली दी जाती है। इसकी दर देश में सबसे कम है। केजरीवाल सरकार अपनी गारंटी को पूरा करते हुए दिल्ली की एक बड़ी आबादी को फ्री बिजली उपलब्ध करवा रही है। भविष्य में भी निर्बाध तरीके से बिजली मिलती रहे इसलिए बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सरकार दिल्ली को उर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रही है।
सभी सरकारी स्कूलों-दफ्तरों में लगाएं सोलर प्लांट
सिसोदिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिल्ली सरकार के दफ्तरों, स्कूलों सहित सभी विभागों के दफ्तरों की छत पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने के काम में तेजी लाएं ताकि तीन साल के भीतर अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकें। उन्होंने सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए संभावनाएं तलाशने का भी अधिकारियों को निर्देश दिया। साथ ही कहा कि झीलों में फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट्स शुरू करने के भी निर्देश दिए।