कहीं आप भी तो नहीं खा रहे जहरीला आम, जानें ऐसे
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आम खाने की इच्छा रखने वालों को झटका लग सकता है। फूड सेफ्टी अफसरों की टीम ने दिल्ली की आजादपुर मंत्री में कैल्सियम कार्बाइड के प्रयोग से पकाकर लाए गए आम की खेप पकड़ी है।
इसकी सप्लाई गाजियाबाद-मेरठ सहित आसपास के जिलों में की जा रही थी। फूड सेफ्टी अफसरों ने अभियान चलाने की घोषणा की है। विशेषज्ञों के अनुसार, केमिकल युक्त आम खाने से सिरदर्द-पेटदर्द और चक्कर की समस्या हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार रसायनों से पकाया गया आम सेहत को बड़ा नुकसान पहुंचाता है। बृहस्पतिवार को दिल्ली की आजादपुर मंडी में रसायन प्रयोग किया हुआ आम और बड़ी मात्रा में रसायन पकड़ा गया।
इसलिए विषाक्त हो रहे आम
आम के बागों में पेड़ों पर ही पकने वाले आमों का स्वाद ही अलग होता है। डाली के पके आमों को बेचने की बजाय बागबान कच्चे फलों को तोड़कर पैक कर देते हैं। उनमें कैल्शियम कार्बाइड (कार्बेट) का प्रयोग करते हैं।
इससे 15-16 घंटे में आम पककर तैयार हो जाता है। उसका रंग भी पीला हो जाता है। इस रसायन से एसीटीलीन गैस निकलती है। इससे आम विषाक्त हो जाता है।
फिजीशियन डा. अविनाश शर्मा के अनुसार एसीटीलीन वाले फल के सेवन से सिरदद, बदनदर्द, चक्कर आना, जी मिचलाना, एसीडिटी होते हैं। लगातार प्रयोग करने से कैंसर-स्किन एलर्जी भी हो सकती है।
प्रयास करें कि पेड़ पर पके ताजा फलों का प्रयोग करें। रसायन से पकाए गए फलों को चार-छह घंटे पानी में भिगोकर ही प्रयोग करें।
रसायन से पकाए गए फलों का छिलका थोड़ा कड़ा और सिकुड़ा रहता है। ऐसे फलों का स्वाद अजीब रहता है। सूंघने पर रसायन की गंध आती है।