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चीनी वेबसाइट से जॉर्जिया वाले की भारत में ठगी: ऐसे 11 हजार लोगों से ठगे करोड़ों रुपये, अमेजन के नाम पर हुआ खेल

Sat, 28 Jan 2023 10:28 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Sat, 28 Jan 2023 10:28 AM IST
सार

चीनी साइबर जालसाज ने ऑनलाइन पार्ट टाइम जॉब की तलाश कर रहे लोगों को धोखा देने के लिए मॉड्यूल विकसित किया था, क्योंकि एजेंसियां लगातार चीनी लोन देने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं।

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Man sitting in Georgia dupes crores of rupees from 11000 indians through Chinese website know modus operandi
गिरफ्तार साइबर ठग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बाहरी उत्तरी जिला साइबर सेल ने ऑनलाइन पार्ट टाइम नौकरी दिलाने का झांसा देकर 11 हजार लोगों को ठगने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का खुलासा कर दिल्ली, गुरुग्राम और फतेहाबाद से तीन ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी चीन में बनाई अमेजन की फर्जी वेबसाइट के जरिये मोटी कमाई कर रहे थे। गिरोह सरगना चीन और दुबई के जरिए जॉर्जिया से गिरोह चला रहा है। 

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ऐसे की जाती थी ठगी
शिकायतकर्ता ने बताया कि 22 सितंबर 2022 को इंस्टाग्राम पर स्क्रॉल करते हुए उसे ऑनलाइन वर्क फ्रॉम होम के बारे में विज्ञापन पोस्ट मिली। चैट बॉक्स में आरोपियों ने प्रश्नों व जॉब प्रोफाइल के बारे में और संचार के लिए व्हाट्सएप नंबर मांगा।
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व्हाट्सएप नंबर साझा करने के बाद अज्ञात नंबर से मैसेज मिला। इसमें वैश्विक ऑनलाइन स्टोर के लिए भर्ती करने की बात कही गई थी। ऑनलाइन आसान तरीके से पैसा कैसे कमाया जाए इसके बारे में बात की गई थी। 
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ठगों ने बताया कि दैनिक कमाई दो सौ से 8 हजार रुपये तक होगी। यदि आपके पास स्मार्ट फोन है, तो आप समय और स्थान को स्वतंत्र रूप से व्यवस्थित कर सकते हैं। फिर एक लिंक भेजा। उस लिंक पर पंजीकरण किया और एक खाता बनाया।

वॉलेट में स्वागत योग्य राशि के रूप में 68 रुपये दिखाई दे रहे थे। इसके अलावा ठगों ने काम करने और कमाई करने के तरीके सीखने के लिए 200 रुपये देने को कहा। 22 सितंबर को यूपीआई आईडी में 200 रुपये का भुगतान किया। फिर इंस्टाग्राम पर ट्यूटर का लिंक दिया। 

अमेजन सर्टिफिकेट देख महिला ने माना सच

ठगों ने ऐप और काम की विशेषताओं के बारे में सिखाया। इसके बाद कमाए गए पैसे को कमीशन के रूप में वापस लेने के आदेश को पूरा करने के लिए 5 कार्य सौंपे गए। उत्पाद को खरीदने के लिए रिचार्ज का विकल्प था। जब शिकायतकर्ता महिला ने रिचार्ज पर क्लिक किया तो पेटीएम से भुगतान करने का निर्देश मिला।

इसके बाद महिला ने अलग-अलग यूपीआई आईडी पर अलग-अलग राशि का भुगतान किया। जब महिला ने शक जताया तो ठगों ने अमेजन कंपनी के सर्टिफिकेट के स्क्रीनशॉट भेजे।

वास्तविक होने पर भरोसा हुआ तो महिला ने यूपीआई आईडी में 1.18 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। फिर शेष उत्पाद खरीदने के लिए एक और कोड भेजा, लेकिन ठगी का अहसास होने पर महिला ने पैसे नहीं भेजे।

लोन धोखाधड़ी कम होने से जॉब मॉड्यूल विकसित किया

चीनी साइबर जालसाज ने ऑनलाइन पार्ट टाइम जॉब की तलाश कर रहे लोगों को धोखा देने के लिए मॉड्यूल विकसित किया था, क्योंकि एजेंसियां लगातार चीनी लोन देने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं।

लोगों में इसे लेकर जागरूकता आने से चीनी लोन के जरिये धोखाधड़ी अब कम हो रही है। इसे देखते हुए जालसाजों ने अमेजन कंपनी की तरह एक फर्जी वेबसाइट https://mall613.com/#/pages/regist/index बना ली। वेबसाइट चीन से रजिस्टर्ड है। 

इसके बाद ठग फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वास्तविक अमेजन कंपनी के रूप में विज्ञापन करते थे। इसके लिए उन्हें डिजिटल मार्केटिंग की मदद से लाखों लाइक और फॉलोअर्स मिलते हैं, जिसे देखकर युवा आकर्षित होते हैं।

फिर उन्हें वेबसाइट पर आईडी बनाने के लिए कहा जाता है और उत्पादों को ऑनलाइन बेचने का काम दिया जाता है। इसके बाद फर्जी तरीके से उत्पाद बेचने के नाम पर बेवकूफ बनाया जाता है। आरोपी के पास उस वेबसाइट का एडमिन एक्सेस होता है और वह कोई भी संशोधन कर सकते हैं। पीड़ित खाते में पैसे जमा होते हुए देख सकते हैं।

पेटीएम में उप प्रबंधक रह चुका है एक आरोपी

गुरुग्राम निवासी अभिषेक जॉर्जिया में बैठे सरगना से दस साल से संपर्क में है। अभिषेक पेटीएम में उप प्रबंधक रह चुका है। फिलहाल वह वित्तीय और लागत सलाहकार है। सरगना को आरोपी तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा था।

नजफगढ़ निवासी सतीश दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक है। वह एजिस, इंडिया बुल्स, एयरटेल, नेट एमिड सहित अन्य नामी कंपनी में काम कर चुका है। आरोपी ने कुछ ऐप के माध्यम से सरगना के फोन को चालू खाते से जुड़े सिम से जोड़ा और विदेश में सरगना को चालू खाते के ओटीपी तक पहुंचने की सुविधा प्रदान की। वहीं, संदीप महला ने विदेश में पैसे निकालने के लिए अपने खाते ही सुविधा दी थी।

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