मामा एक-एक कर भांजों को देता गया दर्दनाक मौत
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भोंडसी थाना पुलिस ने सवा दो साल पहले हरियाहेड़ा स्कूल से संदिग्ध हालत में गायब हुए चार बच्चों की हत्या के मामले का खुलासा किया है।
हरियाणा पुलिस द्वारा इन बच्चों के अपहरण के मामले में किसी तरह का सुराग देने पर एक लाख रुपये का ईनाम घोषित किया गया था। हत्यारोपी मृत बच्चों में से दो का मामा है।
जिसे पुलिस ने गुड़गांव के अलीपुर गांव के पास से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने हत्यारोपी की निशानदेही पर कंकाल बरामद कर छानबीन शुरू कर दी है। बच्चों की हत्या गला रेत कर की गई थी।
बच्चों के कंकाल से मचा हड़कंप
मृत बच्चों की उम्र चार से आठ वर्ष के बीच थी। मई 2013 में भोंडसी के पास हरियाहेड़ा गांव के ईंट भट्ठा पर काम करने वाले मजदूरों के चार बच्चे गायब हो गए थे।
पुलिस ने हत्या के आरोप में देवराज, निवासी दत्रावली, बरला अलीगढ़ को मंगलवार को गुड़गांव से गिरफ्तार किया।
पुलिस ने उसकी निशानदेही पर रायसीना की पहाड़ी से गायब बच्चों शिवानी (8) व कुलदीप (5) निवासी धारकपुर, रामघाट, बुलंदशहर, मेहंदी (5) व तुलसी (4) निवासी विजयगढ़ अलीगढ़ के कंकाल बरामद किए हैं।
स्कूली जूतों और ड्रेस से खुली पोल
पुलिस ने बच्चों के स्कूली जूते और ड्रेस भी बरामद की है। पुलिस बच्चों के कंकाल का डीएनए टेस्ट कराएगी। एसीपी राजेश कुमार के अनुसार हत्यारोपी देवराज शिवानी व कुलदीप का सगा मामा है। वह अपने बहनोई सत्य प्रकाश से रंजिश मानता था।
स्कूल से बच्चों को वह पहाड़ी पर ले गया, जहां हत्या को अंजाम दिया। उसके साथ आ रहे मेंहदी और तुलसी नामक बच्चों को आरोपी ने इसलिए मार डाला ताकि उसके खिलाफ कोई सबूत न रह सके। सबसे बड़ी बच्ची शिवानी तीसरी में पढ़ती थी।
पुलिस ने आरोपी को दो दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस को वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू व वारदात के समय पहने गए खून से सने कपड़े बरामद करने हैं।