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दरिंदों को सजा जरूर दिलाना पापा
अमर उजाला, विजयनगर
Updated Sat, 25 Apr 2015 01:58 AM IST
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ब्वॉयफ्रेंड के धोखे और लांछन से दुखी होकर आत्मदाह करने वाली 10वीं की छात्रा बाबुल के सपने तोड़कर संसार से चली गई। जाते-जाते वह पिता से कह गई कि पापा दरिंदों को सजा जरूर दिलाना।
दोपहर में उसका शव गाजियाबाद स्थित घर लाया गया, जिसके बाद शाम चार बजे हिंडनघाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। उधर, परिजनों और पड़ोसियों के रोष को देखते हुए मौके पर पुलिस-पीएसी तैनात रही।
छात्रा के पिता ने बताया कि जीटीबी में शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे 90 फीसदी जल चुकी उनकी बेटी ने दम तोड़ दिया। परिजनों में इस बात से रोष है कि आरोपी छात्र के स्कूल की टीचर फैसले के लिए दबाव बना रही थी। फेसबुक से चुराई गई एक फोटो के माध्यम से छात्रा को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही थी।
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बता दें कि 27 मार्च को छात्रा लाल कुआं के पास बेहोशी की हालत में मिली थी। उसने अपने ही ब्वॉयफ्रेंड पर आरोप लगाया था कि कार में अगवा करने के बाद उसके साथ गैंगरेप की कोशिश की है।
विरोध करने पर उससे मारपीट की गई और आरोपी उसे लाल कुआं छोड़कर भाग गए थे। पुलिस ने छेड़छाड़, अगवा और मारपीट की धाराओं के साथ ही पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर बाल सुधार गृह भेज दिया था। पिछले कुछ दिनों से आरोपी पक्ष के कुछ लोग इस मामले में छात्रा पर समझौते के लिए दबाव बना रहे थे।
इंजीनियर बनना चाहती थी छात्रा
27 मार्च को हुई इस एक घटना से एक परिवार बिखर गया। दो भाइयों की इकलौती बहन का सपना था कि वह इंजीनियर बनकर पिता का सहारा बने।
वह दोनों छोटे भाइयों को भी पढ़ लिखकर बड़ा व्यक्ति बनने के लिए प्रेरित करती थी। लेकिन छात्रा और उसके परिजनों को नहीं पता था कि छोटी सी उम्र में उसे किस तरह के कष्टों से गुजरना पड़ेगा।
रसूख और पुलिसिया कार्यप्रणाली का वह सामना न कर पाई और हार कर मौत को गले लगा लिया। परिजनों का कहना है कि छात्रा की मौत के लिए आरोपी युवक के साथ पुलिस अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। वह यही कह रहे हैं कि बेटी अपने सपनों को पूरा करने से पहले ही क्यों चली गई।
बिटिया को दिलाकर रहूंगा इंसाफ
पिता ने कहा कि वह बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। बेटी ने इस बात के लिए बार बार गुहार लगाई है। वह आरोपी से दोस्ती नहीं करना चाहती थी लेकिन उसने दबाव बनाया जिसके कारण मजबूर हुई थी। उधर मां कह रही है टीचर घर नहीं आती बेटी जिंदा होती।
पुलिस पर भी आरोप
परिजनों का आरोप है कि टीचर के दबाव बनाने की शिकायत सेक्टर-9 चौकी इंचार्ज से की थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। बार-बार टीचर और आरोपी का एक दोस्त छात्रा को धमका रहे थे।
पिता का कहना है कि वे टीचर के खिलाफ पुलिस को अब लिखित शिकायत देंगे। उधर, एनजीओ की महिला पदाधिकारियों ने आरोपी टीचर से पूछताछ की तो टीचर ने आरोपों को झूठा बताया।
उधर, आरोप है कि पुलिस ने छात्रा की मेडिकल रिपोर्ट भी उन्हें नहीं दी है। देर रात इस मामले में पिता ने थाने में तहरीर दे दी है।
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दोपहर में उसका शव गाजियाबाद स्थित घर लाया गया, जिसके बाद शाम चार बजे हिंडनघाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। उधर, परिजनों और पड़ोसियों के रोष को देखते हुए मौके पर पुलिस-पीएसी तैनात रही।
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छात्रा के पिता ने बताया कि जीटीबी में शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे 90 फीसदी जल चुकी उनकी बेटी ने दम तोड़ दिया। परिजनों में इस बात से रोष है कि आरोपी छात्र के स्कूल की टीचर फैसले के लिए दबाव बना रही थी। फेसबुक से चुराई गई एक फोटो के माध्यम से छात्रा को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही थी।
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बता दें कि 27 मार्च को छात्रा लाल कुआं के पास बेहोशी की हालत में मिली थी। उसने अपने ही ब्वॉयफ्रेंड पर आरोप लगाया था कि कार में अगवा करने के बाद उसके साथ गैंगरेप की कोशिश की है।
विरोध करने पर उससे मारपीट की गई और आरोपी उसे लाल कुआं छोड़कर भाग गए थे। पुलिस ने छेड़छाड़, अगवा और मारपीट की धाराओं के साथ ही पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर बाल सुधार गृह भेज दिया था। पिछले कुछ दिनों से आरोपी पक्ष के कुछ लोग इस मामले में छात्रा पर समझौते के लिए दबाव बना रहे थे।
इंजीनियर बनना चाहती थी छात्रा
27 मार्च को हुई इस एक घटना से एक परिवार बिखर गया। दो भाइयों की इकलौती बहन का सपना था कि वह इंजीनियर बनकर पिता का सहारा बने।
वह दोनों छोटे भाइयों को भी पढ़ लिखकर बड़ा व्यक्ति बनने के लिए प्रेरित करती थी। लेकिन छात्रा और उसके परिजनों को नहीं पता था कि छोटी सी उम्र में उसे किस तरह के कष्टों से गुजरना पड़ेगा।
रसूख और पुलिसिया कार्यप्रणाली का वह सामना न कर पाई और हार कर मौत को गले लगा लिया। परिजनों का कहना है कि छात्रा की मौत के लिए आरोपी युवक के साथ पुलिस अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। वह यही कह रहे हैं कि बेटी अपने सपनों को पूरा करने से पहले ही क्यों चली गई।
बिटिया को दिलाकर रहूंगा इंसाफ
पिता ने कहा कि वह बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। बेटी ने इस बात के लिए बार बार गुहार लगाई है। वह आरोपी से दोस्ती नहीं करना चाहती थी लेकिन उसने दबाव बनाया जिसके कारण मजबूर हुई थी। उधर मां कह रही है टीचर घर नहीं आती बेटी जिंदा होती।
पुलिस पर भी आरोप
परिजनों का आरोप है कि टीचर के दबाव बनाने की शिकायत सेक्टर-9 चौकी इंचार्ज से की थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। बार-बार टीचर और आरोपी का एक दोस्त छात्रा को धमका रहे थे।
पिता का कहना है कि वे टीचर के खिलाफ पुलिस को अब लिखित शिकायत देंगे। उधर, एनजीओ की महिला पदाधिकारियों ने आरोपी टीचर से पूछताछ की तो टीचर ने आरोपों को झूठा बताया।
उधर, आरोप है कि पुलिस ने छात्रा की मेडिकल रिपोर्ट भी उन्हें नहीं दी है। देर रात इस मामले में पिता ने थाने में तहरीर दे दी है।