एक्सप्रेसवे पर भिड़े 71 वाहन, दो की मौत
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यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे जीरो प्वाइंट से 34 किलोमीटर दूर जेवर टोल के पास एक के बाद एक करीब 71 वाहन भिड़ गए। हादसे में बीएचईएल (भेल) कंपनी के जनरल मैनेजर व मैनेजर की मौत हो गई, जबकि कई विदेशी पर्यटकों समेत 22 लोग घायल हो गए।
आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने वसूली के लिए ट्रक को रुकने का इशारा किया था, जिसके बाद ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगा दिया और घने कोहरे में वाहन भिड़ते चले गए। घायलों को नोएडा के जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादसे के बाद पुलिस और एक्सप्रेसवे कर्मचारियों ने क्रेन की मदद से वाहनों को सड़क किनारे खड़ा कराया। जेवर टोल प्लाजा के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार सुबह करीब 8:30 सामान से लदे एक ट्रक को पुलिस की पीसीआर ने अवैध वसूली के लिए रोका था।
ट्रक के अचानक रुकने से हुआ हादसा
ट्रक के अचानक रुकने से पीछे आ रही इनोवा उससे टकराकर पलट गई, जिससे उसमें सवार चार लोग घायल हो गए। उसी समय एक अन्य इनोवा कार पलटी हुई गाड़ी और ट्रक से टकरा गई। दूसरी इनोवा में सवार अरुनाफ चक्रवर्ती और उनका परिवार जैसे ही गाड़ी से बाहर निकले तभी पीछे आ रहे एक के बाद एक कई वाहन भिड़ते चले गए। हादसे में कई लोग घायल हो गए।
इस दौरान वहां से गुजर रहे स्विफ्ट डिजायर कार चालक प्रदीप ने शोर-शराबा सुनकर गाड़ी साइड में लगाने की कोशिश की तो लाल रंग की बस ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इसके बाद बस के पीछे आ रहे कई वाहन टकराते चले गए।
दुर्घटना में घायल स्विफ्ट डिजायर कार सवार नोएडा की बीएचईएल (भेल) कंपनी के जीएम आरएन सिन्हा, मैनेजर एके दास, असिस्टेंट मैनेजर शोभना और चालक प्रदीप को ग्रेटर नोएडा के कै लाश पहुंचाया गया, जहां आरएन सिन्हा और एके दास ने दम तोड़ दिया। वहीं, हादसे में घायल अन्य लोगों को नोएडा के जेपी अस्पताल ले जाया गया।
पीएसी जवानों की मदद
यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे में क्षतिग्रस्त हुए वाहन स्वामियों का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम सतीश शुक्ला और सीओ डॉ. अरविंद कुमार से मिला।
उन्होंने बताया कि एक्सप्रेसवे पर कोई पुलिस या हाईवे वैन नहीं मिली जिससे कि हादसे के बाद भी किसी को सूचित किया जा सके। उन्होंने एसडीएम और सीओ से कहा कि संबंधित कंपनी और प्रशासन मिलकर ऐसी व्यवस्था करें जिससे हादसों में कमी लाई जा सके।
पीएसी जवानों ने की लोगों की मदद
यमुना एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा के लिए पीएसी की एक बस टोल के लिए जा रही थी लेकिन वह भी हादसे का शिकार हो गई। पीएसी जवानों ने हिम्मत दिखाकर सभी लोगों को वाहनों से निकलवाया और क्रेन की मदद से वाहनों को सड़क से हटवाया।
30 मिनट तक मचती रही चीख पुकार
हादसे के बाद करीब 30 मिनट तक यमुना एक्सप्रेस वे के करीब 100 मीटर दूरी कोहराम सा मच गया। हरेक गाड़ी से चीख पुकार सुनाई पड़ रही थी। घटना के करीब 20 मिनट बाद पुलिस और एंबुलेंस पहुंची तो घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा सका।
हादसे में भेल के दो अधिकारियों की मौत के बाद सेक्टर-17 स्थित कॉलोनी में मातम का माहौल रहा। दोनों अधिकारियों के घर पर सांत्वना देने वालों की भीड़ लगी रही। परिजनों का कहना था कि रुकी हुई कार में टक्कर मारने वाले बस चालक को सजा जरूर मिलनी चाहिए। उसने दो-दो परिवारों को अनाथ कर दिया है।
घायलों को लाने के इंतजाम नाकाफी
परिजनों ने आरोप लगाया कि हादसा होने के बाद घायलों को वापस ग्रेटर नोएडा लाने के लिए बेहतर इंतजाम नहीं थे। वहीं, पास में कोई यू-टर्न नहीं होने से घायलों को ग्रेटर नोएडा के कैलाश अस्पताल लाने में काफी देर हो गई।
एक ही स्कूल में साथ में पढ़े थे जीएम और डीजीएम
हादसे का शिकार हुए डीजीएम एके दास की पत्नी ने बताया कि उनके पति और जीएम आरएम सिन्हा झारखंड के नेतरहाट स्कूल में साथ पढ़े थे। दुर्घटना के वक्त भी दोनों गाड़ी में पीछे बैठे थे।
जानकारी के अनुसार, भेल में जीएम आरएम सिन्हा (57) सेक्टर-17 स्थित टाइप बी के 14बी में परिवार सहित रहते थे। वह मूलरूप से इलाहाबाद के सिविल लाइंस क्षेत्र के निवासी थे। उनके परिवार में पत्नी और बेटी रिनी है। वहीं, डीजीएम एके दास (48) इस कॉलोनी की टाइप सी में 26ए नंबर मकान में रहते थे। वह मूलरूप से बिहार के दरभंगा स्थित प्रसाद गांव के निवासी थे।
उनके परिवार में पत्नी, बेटा आयुष और बेटी सौम्या हैं। बेटा 11वीं में बालभारती में पढ़ता है जबकि बेटी गाजियाबाद के आईएमएस कॉलेज में पढ़ती है। एके दास की पत्नी कनक ने बताया कि दोनों बुधवार सुबह 8 बजे कार से आगरा स्थित बीएचईएल की साइट के लिए रवाना हुए थे।
कार में उनके साथ शोभना निवासी डी-61ए, गली नंबर-3 और कार का चालक प्रदीप थे। प्रदीप और शोभना कार में आगे बैठे थे। परिजनों ने बताया कि दुर्घटना वाले क्षेत्र से कुछ दूरी पर ही चालक ने कार रोक ली थी, जिसके बाद बस ने पीछे से टक्कर मार दी। इससे पीछे की सीट पर बैठे आरएम सिन्हा और एके दास की मौत हो गई। जबकि प्रदीप और शोभना सेक्टर-128 स्थित जेपी अस्पताल में भर्ती हैं।