पीपली लाइव के डायरेक्टर महमूद फारूखी रेप केस में बरी, दिल्ली HC ने दी क्लीनचिट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिल्म पीपली लाइव के सह-निर्देशक और अमेरिकी छात्रा से रेप के आरोपी महमूद फारुकी को आज दिल्ली हाईकोर्ट ने बरी कर दिया है। बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने साकेत कोर्ट का फैसला पलट दिया है, जिसमें अदालत ने उन्हें इसी केस में सात साल की सजा सुनाई थी।
बता दें कि साकेत कोर्ट ने अमेरिकी शोधकर्ता से दुष्कर्म मामले में मेहमूद फारुकी को अदालत ने दोषी करार देते हुए 7 साल की सजा और 50 हजार का जुर्माना भरने की सजा सुनाई थी। सजा में जज ने ये भी प्रावधान किया था कि अगर फारूकी यह जुर्माना नहीं भरते हैं तो इसके बदले उन्हें तीन माह अतिरिक्त जेल में रहना पड़ेगा।
साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव जैन ने 2 अगस्त को सजा पर बहस सुनने के बाद सजा को सुनाने की तारीख 4 अगस्त को तय की थी।
दिल्ली पुलिस ने फारुकी के खिलाफ दुष्कर्म व धमकी देने संबंधी धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी। पुलिस का आरोप है कि फारुकी ने कोलंबिया विश्वविद्यालय की शोधकर्ता से सुखदेव विहार स्थित अपने घर पर 28 मार्च 2015 को दुष्कर्म किया था।
फारुकी ने दुष्कर्म के आरोप को खारिज किया था। मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने एफआईआर में देरी को एक अहम मुद्दा बनाया था। अधिवक्ता नित्या रामाकृष्णन ने अपनी दलील में कहा था कि उनके मुव्वकिल पर दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाया जा रहा है। उसे साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।
2015 में हुई थी घटना
वह घटना के बाद अमेरिका वापस चली गई और करीब दो माह बाद एफआईआर दर्ज करवाई थी। पीड़िता ने बहस करते हुए कहा था कि यह जबरन ओरल सेक्स का मामला था।
इस घटना के बाद पीड़िता काफी डर गई थी। वह किसी तरह हिम्मत जुटाकर वापस आई और उसने एफआईआर दर्ज करवाई। बता दें कि इस मामले में अभियोजन पक्ष की गवाही 9 सितंबर 2015 को शुरू हुई थी। अदालत ने 9 अगस्त को फारुकी के खिलाफ आरोप तय किए थे।
पुलिस ने इस मामले में 19 जून 2015 को पीड़िता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस ने दस दिनों के भीतर जांच पूरी कर 29 जून 2015 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।