फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   maharashtra tops in breaking gender identification law haryana on third number

लिंग जांच कानून तोड़ने में महाराष्ट्र अव्वल, हरियाणा तीसरे पर

Sat, 07 Jul 2018 09:06 AM IST
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 07 Jul 2018 09:06 AM IST
विज्ञापन
maharashtra tops in breaking gender identification law haryana on third number
लिंग जांच में अव्वल महाराष्ट्र

प्रसव पूर्व लिंग जांच रोकथाम कानून को लेकर पहली बार केंद्र सरकार ने राज्यों की स्थिति रिपोर्ट जारी की है। इसके तहत महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा रिपोर्ट दर्ज किए गए हैं। जबकि राजस्थान दूसरे और हरियाणा तीसरे स्थान पर है।

विज्ञापन


अमर उजाला को मिली रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले कुछ वर्षों में लिंग जांच कानून को लेकर सख्ती बरती गई है। साल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के पानीपत से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की थी।
विज्ञापन


इसके बाद देश में प्रसव पूर्व लिंग जांच रोकथाम अधिनियम (पीसीपीएनडीटी) पर सरकारी तंत्र सख्त हुआ। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा है कि 2015 से मार्च 2018 के बीच काफी हद तक लिंग जांच पर सख्ती देखने को मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू होने के बाद कानून में भी फेरबदल किए गए थे। इसके बाद सभी राज्यों में लिंग जांच के खिलाफ कार्रवाई भी गई। इसके चलते राज्यवार स्थिति जानने के लिए यह रिपोर्ट तैयार की गई है।

Trending Videos

ये हैं शीर्ष 10 राज्य, रिकॉर्ड तोड़ केस हुए दर्ज 

maharashtra tops in breaking gender identification law haryana on third number

मंत्रालय के अनुसार रिपोर्ट में 10 शीर्ष राज्यों की सूची तैयार की गई है, जहां सबसे ज्यादा लिंग जांच करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किए गए हैं। इनमें महाराष्ट्र 679 केस के साथ शीर्ष पर है।

इसके अलावा राजस्थान (580), हरियाणा (265), गुजरात (215), पंजाब (143), उत्तर प्रदेश (139), बिहार (130), तमिलनाडू (123), दिल्ली (101) और कर्नाटक (79) शामिल हैं।

हरियाणा से सबसे ज्यादा सीज की गई लिंग जांच की मशीन
रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा लिंग जांच करने की मशीनों को हरियाणा में सीज किया गया है। अब तक सभी राज्यों को मिलाकर 2036 मशीनें सील की गईं। जिनमें हरियाणा से केवल 537 मशीनें हैं। वहीं, राजस्थान (506), महाराष्ट्र (462), दिल्ली (168) और तेलंगाना (108) शामिल हैं। इसी तरह उत्तर प्रदेश में 39, उत्तराखंड में 12, मध्यप्रदेश में 17, कर्नाटक में 58, बिहार में 36 और पंजाब में 35 मशीनों को सील किया गया।

सबसे ज्यादा रिकॉर्ड में मिली छेड़खानी
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक संयुक्त निदेशक ने बताया कि अब तक देश में जितने भी मामले दर्ज किए हैं, इनमें से ज्यादातर छेड़खानी जैसे मामलों के हैं। छापेमार कार्रवाई के दौरान लिंग जांच करने वाले केंद्र के रजिस्टर की जब पड़ताल हुई तो कई तरह के रिकॉर्ड में खामियां मिलीं। उन्होंने बताया कि 2735 केस दर्ज हैं, इनमें से 1313 मुकदमों में सजा सुनाई जा चुकी है। इन्हीं में 1701 मामले ऐसे थे, जिसमें रिकॉर्ड में छेड़खानी मुख्य वजह थी। इनके अलावा भ्रूण लिंग जांच की लोगों को जानकारी देने वाले 387 और जांच कराने आने वालों का ब्यौरा न रखने वाले 315 सेंटरों को पकड़ा गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed