फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   maggi packet worth rupees 10 sold in 102 rupees in delhi

बैन के बावजूद राजधानी में 102 रुपए प्रति पैकेट बिक रही मैगी

Fri, 26 Jun 2015 05:00 PM IST
Updated Fri, 26 Jun 2015 05:00 PM IST
विज्ञापन
maggi packet worth rupees 10 sold in 102 rupees in delhi

आप अगर चलते फिरते दक्षिण दिल्ली के पॉश माने जाने वाले वसंत विहार इलाके में चले जाएं तो वहां के दुकानदार आपका दिल खोलकर स्वागत करेंगे। ऐसा तब तक होगा जब तक कि आप उन्हें ये न बता दें कि आपको क्या खरीदना है।

विज्ञापन


जैसे ही आपने उस पीले पैकेट की डिमांड की उनके चेहरे का रंग बदल जाता है और जब तक दुकानदार आपसे संतुष्ट न हो जाए वह उस खास पैकेट के होने की बात नहीं बताएगा।
विज्ञापन


अगर वह पहले से आपको जानता है तब ही उस पीले पैकेट को काली पॉलीथीन में डालकर आपको देगा। इस खास पीले पैकेट की बिक्री आजकल यहां के दुकानदार कुछ ऐसे ही करते हैं जैसे ड्रग्स की तस्करी।

विज्ञापन
विज्ञापन

एक बार में केवल दो पैकेट ही बेचते हैं

maggi packet worth rupees 10 sold in 102 rupees in delhi

हम यहां किसी स्मगलिंग की बात नहीं कर रहे बल्कि कभी आसानी से मिलने और दो मिनट में बनने वाली बैन हो चुकी मैगी के खरीद-बिक्री की बात कर रहे हैं।

मैगी का वो पैकेट जो बैन होने से पहले तक 10 रुपए में बिका करता था वो अब राजधानी में छिपे तौर पर 102 रुपए तक भी बिक रहा है। यानी अपने असली दाम के दस गुने से भी अधिक दाम में बिक रही है मैगी।

बैन हो चुकी मैगी को बेच रहे दुकानदारों का कहना है कि ये उनका आखिरी स्टॉक है‌ जिसे कोई हटवाने नहीं आया और ग्राहक खरीद रहे हैं इसलिए वो भी इसे बेच रहे हैं।

दिलचस्प बात तो ये है कि बैन हो जाने के बाद भी मैगी के बड़े फैन इसे खरीद रहे हैं। वहीं मैगी बेचने वाले दुकानदार भी एक बार में दो पैकेट से ज्यादा नहीं बेच रहे।

'मैगी खाए बगैर हम भूखे मर जाएंगे'

maggi packet worth rupees 10 sold in 102 rupees in delhi

मैगी को अपनी जिंदगी बताने वाली रश्मि कहती हैं कि उनके ही जैसे शहर में और भी मैगी लवर हैं।

वो कहती हैं कि हम इतने सालों से मैगी खा रहे हैं कि अब उसमें पाए गए लेड की हमें लत गई है। रश्मि तो यहां तक कहती हैं कि अगर उन्हें मैगी खाने से रोका गया तो वो भूखी मर जाएंगी।

वहीं जनकपुरी का एक दुकानदार बताता है कि वो काउंटर पर मैगी नहीं बेचता, बल्कि फोन पर ऑर्डर आने के बाद मैगी की डिलीवरी घर पर की जाती है। वो आगे कहता है कि वह किसी मुसीबत में नहीं पड़ना चाहता, ‌इसलिए अपनी दुकान पर मैगी नहीं बेचता।

(साभारः हिंदुस्तान टाइम्स)

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed