भारत-पाक मैच के जश्न में एमटेक छात्र घायल, हमेशा के लिए गंवाई आंख की रोशनी
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शनिवार रात को भारत-पाकिस्तान मैच के बाद हुई आतिशबाजी व गोलीबारी में घायल अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के एक छात्र की दोनों आंखों की रोशनी खत्म हो गई है।
बढ़ते संक्रमण को देखते हुए दाईं आंख को सर्जरी कर निकाल दिया गया है जबकि बाईं आंख पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं। घायल छात्र के सिर में सौ से अधिक गोली के छर्रे पड़े हैं, लेकिन उनको निकालना और खतरनाक होगा।
लिहाजा चिकित्सकों ने छर्रे नहीं निकालने का निर्णय लिया है। युवक के माता-पिता मंगलवार को ही विदेश से दिल्ली पहुंचे हैं। युवक को उसके दोस्त लेकर इलाज के लिए एम्स पहुंचे थे।
एम्स ट्रॉमा सेंटर की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुषमा सागर ने बताया कि एएमयू के एमटेक छात्र कलीम खान (28) को गंभीर हालात में रविवार को भर्ती कराया गया। भर्ती करने के बाद चिकित्सीय जांच में पता लगा कि युवक की दोनों आंखों की रोशनी पूरी तरह खत्म हो गई है।
वहीं सिर में काफी संख्या में गोली के छर्रे पड़े हैं, लेकिन उनको निकालना बेहद मुश्किल है। डॉ. सागर ने यह भी कहा कि यदि छर्रे निकाले जाते हैं तो स्थिति और ज्यादा खराब हो सकती है, इसलिए छर्रे नहीं निकालने का निर्णय लिया गया है।
...और बजेगा सिक्योरिटी अलार्म
डॉ. सागर ने बताया कि कलीम के दाईं आंख में संक्रमण बढ़ रहा था लिहाजा उसके माता-पिता की सहमति के बाद मंगलवार को सर्जरी कर उसकी एक आंख निकाल दी गई जबकि दूसरी आंख की मॉनीटरिंग की जा रही है। हालांकि दूसरी आंख की भी रोशनी खत्म हो गई है, लेकिन उसमें अभी संक्रमण नहीं हुआ है।
एम्स की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुषमा सागर ने बताया मस्तिष्क में छर्रे होने से युवक को चिकित्सीय तौर पर कोई दिक्कत तो नहीं होगी लेकिन जब भी वह मेटल डिटेक्टर गेट अथवा सिक्योरिटी चेक के लिए मशीन से गुजरेगा तब शरीर में धातु के कण होने से अलार्म बजेगा।
उन्होंने कहा कि यदि छर्रों को निकाला जाता है तब मस्तिष्क की नसें अथवा जरूरी टिश्यू प्रभावित हो सकती हैं। जबकि अभी मस्तिष्क की कोई भी नस अथवा टिश्यू प्रभावित नहीं हुई है। युवक बातचीत कर रहा है और उसकी सेहत में सुधार भी हो रहा है।