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रेल बजट में प्रभु कृपा दिखाएं तो हो शहर उद्धार

Wed, 24 Feb 2016 06:56 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो / अमर उजाला, गुड़गांव Updated Wed, 24 Feb 2016 06:56 PM IST
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Lord show mercy to the city budget, then delivers.

रेल बजट की गहमागहमी के बीच साइबर सिटी के रेलवे स्टेशन को आदर्श स्टेशन के रूप में स्थापित करने की मांग शुरू हो गई है। एनसीआर के प्रमुख स्टेशन में गिने जाने वाले गुड़गांव रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की संख्या और ठहराव बढ़ाने के साथ ही सौंदर्यीकरण के लिए यात्री विशेष बजट से उम्मीदें लगाए बैठे हैं।

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यात्रियों का कहना है कि अगर प्रभु कृपा दिखाएं तो गुड़गांव स्टेशन का उद्धार हो सकता है और अगर ऐसा होता तो है तो दिल्ली-जयपुर रेलवे लाइन पर रेलवे के लिए गुड़गांव स्टेशन बेहतरीन विकल्प उभरकर सामने आएगा।
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पिछले साल नई सरकार आने के बाद रेलवे बजट से काफी उम्मीदें की जा रहीं थीं, लेकिन इस क्षेत्र के लोगों को मायूसी हाथ लगी थी। मगर, इस बार यात्रियों को उम्मीद है कि सुरेश प्रभु अपनी विशेष कृपा दिखाएंगे।
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जिससे गुड़गांव रेलवे स्टेशन का कायाकल्प होगा। दिल्ली स्टेशन की तरह सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के साथ यात्रियों के लिए नई सुविधाओं की मांग और उम्मीद इस बजट में की जा रही है।

दैनिक रेल यात्री कॉर्डिनेशन कमेटी के प्रधान पीएल वर्मा का कहना है कि दिल्ली-रेवाड़ी के बीच करीब 40 हजार यात्री रोजाना सफर करते हैं, लेकिन इतनी बड़ी संख्या के लिए पैसेंजर ट्रेनों की संख्या कम है।

अक्सर ट्रेन लेट रहती है। इसकी वजह से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठते हैं। इस बजट में यह सब दूर होने की उम्मीद है।


यहां यात्रियों की जांच के लिए मिटेल डिटेक्टर तक नहीं है। ऐसी स्थिति में स्टेशन पर किसी प्रकार की भी घटना घट सकती है। महिला यात्रियों का कहना है कि उनके लिए यहां एक शौचालय है, जिससे काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। ट्रेन में महिला कोच का कोई स्थान निर्धारित नहीं है। कभी आगे लगता है तो कभी पीछे तो कभी बीच में।

मौजूदा स्थिति
-फुट ओवर ब्रिज नहीं है। नतीजा, यात्री जान जोखिम में डालकर रेलवे पटरी पार करते है।
- सौंदर्यीकण का काम दो साल से कछुआ गति में काम चल रहा है।
-बीकानेर इंटरसिटी समेत कई ट्रेनों के ठहराव नहीं होने से यात्रियों को काफी मुसीबत होती है।
-वेटिंग रूम, टिकट काउंटर की संख्या बेहद कम

बजट से उम्मीदें
-वर्ल्ड क्लास स्टेशन की तर्ज पर गुड़गांव रेलवे स्टेशन का हो विकास।
-देश के पहले सोलर संचालित स्टेशन में हो तब्दील।
-पार्किंग की समुचित व्यवस्था के अलावा टिकट काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाए।
-स्टेशन पर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए जाएं।

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