मनीष सिसोदिया पर लगा आचार संहिता उल्लंघन का आरोप, चुनाव आयोग ने जारी किया नोटिस
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पूर्वी दिल्ली सीट से आम आदमी पार्टी (आप) की प्रत्याशी आतिशी के समर्थन में किए ट्विट की शिकायत पर चुनाव अधिकारी ने उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को नोटिस भेजकर बुधवार शाम पांच बजे तक जवाब मांगा है। 28 अप्रैल को दिल्ली भाजपा इकाई ने पूर्वी दिल्ली के निर्वाचन अधिकारी को इस मामले की शिकायत दी थी। इस पर संज्ञान लेते हुए पर पूर्वी दिल्ली के निर्वाचन अधिकारी ने सिसोदिया से जवाब मांगा है।
27 अप्रैल को सिसोदिया ने पूर्वी दिल्ली से आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी आतिशी मर्लिना के धर्म और नाम पर उठाए गए सवाल पर हुए विवाद के बाद आतिशी के समर्थन में ट्विट किया था। ट्विट में उप मुख्यमंत्री ने भाजपा और कांग्रेस पर आतिशी के खिलाफ झूठा प्रचार करने के आरोप लगाए थे।
सिसोदिया ने अपने ट्विट में कहा कि...उनका पूरा नाम आतिशी सिंह है। वह एक राजपुतानी और पूर्ण रूप से क्षत्रिय हैं। अपने ट्विट में सिसोदिया ने आतिशी की तुलना झांसी की रानी से करते हुए बचने की हिदायत दी थी। सिसोदिया ने ट्विट के जरिये आतिशी के बारे में यह भी कहा था कि वह जीत दर्ज कर इतिहास रचेंगी। आदर्श चुनाव आचार संहिता उल्लंघन की इस शिकायत पर निर्वाचन अधिकारी ने सिसोदिया को नोटिस दिया।
सिसोदिया ने आचार संहिता उल्लंघन के आरोप को गलत बताया
शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने स्वयं पर लगे आचार संहिता उल्लंघन के आरोप को गलत बताया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को दिए अपने जवाब में सिसोदिया ने सीबीएसई के 12वीं के रिजल्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पिछले चार वर्षों के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आया है। 12वीं के परिणाम में 94 फीसदी विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए, जो दिल्ली के इतिहास में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने मात्र शिक्षा मंत्री होने के नाते रिजल्ट का हवाला दिया था।
एक दिन पहले गिरीश सचदेवा ने सीईओ को शिकायत दी थी कि मनीष सिसोदिया ने शिक्षा में सुधार के नाम पर आम आदमी पार्टी को समर्थन देने के लिए पत्र भेजे थे। इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए सीईओ से इस मामले में कार्रवाई की मांग की गई थी।
सिसोदिया ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि शिक्षा मंत्री होने के नाते मेरा कहना है कि धर्म के नाम पर राजनीति करने की बजाय शिक्षा व स्वास्थ्य के मुद्दे पर वोट करें।