लोकसभा चुनाव 2019: टिकट कटने के 24 घंटे बाद भाजपा सांसद उदित राज ने थामा कांग्रेस का हाथ
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दिल्ली की नार्थ-वेस्ट लोकसभा सीट से टिकट न मिलने के 24 घंटे बाद भाजपा सांसद उदित राज ने कांग्रेस में शामिल हो गए। उदितराज का कहना है कि भाजपा दलित विरोधी है उसे दलितों का वोट तो चाहिए दलित नेता नहीं। कांग्रेस में आने पर उनका कहना है कि भाजपा में रहने के बावजूद उन्होंने कभी कांग्रेस के खिलाफ नहीं बोला है। उन्होंने कांग्रेस सरकारों की नीतियों और योजनाएं का हवाला देकर उसे दलितों की पक्षधर बताया।
उनका कहना है कि मैं अगर गूंगा-बहरा होकर भाजपा में रहता तो प्रधानमंत्री भी बन सकता था। उदितराज ने बुधवार सुबह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से उनके आवास पर मुलाकात कर कांग्रेस का हाथ थामा। कांग्रेस महासचिव केसी. वेणुगोपाल, दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और रणदीप सुरजेवाला की मौजूदगी में विधिवत कांग्रेस की सदस्यता ली। उदितराज ने कहा कि राहुल गांधी जानते हैं कि मैं 2012 से कांग्रेस में शामिल होना चाहता था और ये भी सच है कि अगर भाजपा टिकट देती तो मैं लोकसभा चुनाव लड़ता। मैंने कभी कांग्रेस का विरोध नहीं किया बल्कि साइलेंट सपोर्ट किया।
उदितराज ने भाजपा के 4-5 इंटरनल सर्वे का हवाला देते हुए बताया कि दिल्ली में एक मात्र सीट नॉर्थ-वेस्ट पर भाजपा मजबूत बताई गई है लेकिन अब वहां उम्मीदवार की जमानत जब्त होगी। उनका कहना है कि 2 अप्रैल 2018 को दलितों के भारत बंद का समर्थन करना भाजपा को पसंद नहीं आया। मैं दलितों के हितों के लिए कई बार भाजपा सरकार के कई फैसलों के खिलाफ रहा हूं और संसद में भी आवाज उठाई है। भाजपा दलितों के वोट तो चाहती है लेकिन दलित नेता नहीं चाहती है। राहुल गांधी से मिलकर मैंने कहा है कि मैं सिर्फ प्रचार करूंगा। दलितों से भाजपा कितनी नफरत करती है मैं ही समझ सकता हूं। दलितों को ये पता लग जाए तो एक भी वोट भाजपा को नहीं देंगे।
'रामनाथ कोविंद अपना बायोडाटा मेरे पास लेकर आए थे'
शीला दीक्षित ने कहा कि मैं उदित राज को बहुत सालों से जानती हूं। जब ये भाजपा में गए थे तो आश्चर्य और दुख था लेकिन अब मुक्त हुए हैं। इनके आने से दिल्ली में हम जहां नहीं जीत रहे थे वहां भी जीतेंगे। सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा में रहकर दलितों पर प्रताडना की आवाज उठाने और पीएम को पत्र लिखने वालों में सावित्री बाई फूले, छोटेलाल, अशोक कुमार दोहरे और अब उदितराज के साथ षड्यंत्र किया गया। वेणुगोपाल ने कहा उदितराज ऐसे नेता हैं जो लगातार भाजपा की दलित विरोधी नीतियों पर आवाज उठाते रहे हैं।
भाजपा में आवाज उठाने को अपने टिकट कटने का कारण बताते हुए उदितराज ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से जुड़ा एक पुराना किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा कि भाजपा चुप रहने वाले दलित नेताओं को पसंद करती है और रामनाथ कोविंद को इसी का इनाम मिला है। भाजपा ने 2014 में उन्हें लोकसभा का टिकट तक नहीं दिया था। उन्होंने कहा भाजपा आरएसएस में खामोश रहने पर इनाम मिलता है। उन्होंने बताया कि 20 मई 2014 को रामनाथ कोविंद अपना बायोडाटा लेकर मेरे पास विवेक सोनकर के साथ आए थे। तब कोविंद जी ने मुझसे कहा कि भाई साहब मेरा भी कुछ कराएं। 2014 में टिकट न मिलने पर वो चुप रहे और उसका इनाम मिला।