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पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र: विकास के मुद्दे पर होगा त्रिकोणीय मुकाबला

Thu, 02 May 2019 06:22 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Thu, 02 May 2019 06:22 AM IST
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Lok Sabha Chunav 2019: West Delhi Constituency Tri-Competition on the issue of development
ईवीएम-वीवीपैट (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

पश्चिमी दिल्ली संसदीय सीट में इस बार त्रिकोणीय मुकाबला होगा। मुद्दा विकास का होगा, लेकिन पार्टियां अलग अलग नाम पर वोटरों को लुभाने में जुटी हुई हैं। 2008 में पश्चिमी दिल्ली संसदीय सीट के अस्तित्व के बाद यह तीसरा लोकसभा चुनाव हैं, जिसमें 23 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 23. 67 लाख वोटर करेंगे। भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों के बीच विकास के मुद्दे पर कांटे की टक्कर है, जिनके भाग्य का फैसला करने वालों का समर्थन हासिल करने के लिए प्रत्याशियों की दौड़ तेज हो चुकी है। रोड शो, नुक्कड़ सभा के अलावा सोशल साइट्स का भी इस बार बढ़ चढ़कर इस्तेमाल किया जा रहा है। 

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दक्षिणी और बाहरी दिल्ली के क्षेत्रों को मिलाकर बनी पश्चिमी लोकसभा सीट से 2009 में कांग्रेस तो 2014 में भाजपा प्रत्याशी को जीत मिली।  इस सीट पर जीत हार का फैसला करने में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी)-पूर्वांचली मतदाताओं की भूमिका अहम होगी। द्वारका क्षेत्र की सोसाइटियों में रहने वाले करीब एक लाख वोटरों से भी पार्टियों को उम्मीदें हैं। तीनों पार्टियों को कैडर वोट से काफी उम्मीदें हैं और इसी दम पर जीत का दावा कर रहे हैं।
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जातिगत नहीं, विकास के मुद्दे पर वोट करेगी जनता 
भाजपा और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार एक ही बिरादरी के हैं जबकि तीसरे प्रत्याशी पूर्वांचल से ताल्लुक रखते हैं। पार्टियों की कोशिश कैडर वोट के अलावा शेष वोटरों को अपने पक्ष में करने की है। राजनीतिक पार्टियां दावा कर रही हैं कि इस बार के चुनाव में जातिगत समीकरण का कोई खास मायने है। जानकारों का कहना है कि क्षेत्र में विकास के मुद्दे को लेकर ही जनता वोट करेगी।

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प्रचार में सोशल साइट्स का भी धड़ल्ले से हो रहा है इस्तेमाल 

रोड शो, डोर टू डोर, नुक्कड़ सभाओं के अलावा सोशल साइट्स का भी इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है। प्रचार के लिए काफी कम वक्त बचा है, ऐसे में राजनेता सुबह से शाम तक चुनावी सभाओं में व्यस्त हैं, लेकिन सोशल साइट्स पर अपने प्रत्याशियों के प्रचार में कार्यकर्ता लगातार डटे हुए हैं। 

मतदाताओं की संख्या 
कुल मतदाता: 23,67,509
पुरूष मतदाता: 1276652
महिला मतदाता: 1090797
थर्ड जेंडर: 60

जातिगत समीकरण 
सिख             09.23
जाट             08.57
ब्राह्मण            09.27
अनुसूचित जाति    12.62
अन्य पिछड़ा वर्ग    21.00
वैश्य            06.44
पंजाबी            11.30
मुस्लिम        01.59
दक्षिण भारतीय    00.88
गुर्जर             01.25
शेष            17.85

अभी तक के सांसद
2009 महाबल मिश्रा
2014 प्रवेश वर्मा

प्रत्याशियों का कहना
यह चुनाव विकास के नाम पर है और जनता देश के प्रधानमंत्री के नाम पर वोट करेगी। जाति के आधार पर वोट का बंटवारा नहीं होगा। -प्रवेश साहिब सिंह, भाजपा 
2009 में जीत के बाद मैंने कई विकास कार्य किए। 2014 में हार के बाद भी जनता से दूर नहीं हुआ। विकास के मुद्दे पर जनता साथ देगी। - महाबल मिश्रा, कांग्रेस 
रोजगार, किसानों को मुआवजा सहित क्षेत्र के विकास के मुद्दे पर जनता  का समर्थन मिल रहा है। पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने से विकास की नई रफ्तार मिलेगी। -बीएस जाखड़-आम आदमी पार्टी 
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