लिवर ट्रांसप्लांट में मिली बड़ी सफलता, जीवित व्यक्ति से हिस्सा जरूरतमंद मरीज को लगाया
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को पहली बार दो सजीव लिवर प्रत्यारोपण (जीवित व्यक्ति से लीवर का हिस्सा लेकर जरूरतमंद मरीज को लगाने) में सफलता मिली है। इस वर्ष की शुरुआत में ही एम्स ने दो प्रत्यारोपण किए हैं, जो सफल रहे हैं।
फिलहाल दिल्ली के किसी भी सरकारी अस्पताल में इस तरह के लिवर ट्रांसप्लांट की सुविधा नहीं थी, जिसके चलते मरीजों को निजी अस्पतालों की और रुख करना पड़ता था।
एम्स के डिपार्टमेंट ऑफ गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी को फिलहाल दो मरीजों को सजीव लीवर प्रत्यारोपण में सफलता मिली है, लेकिन अभी कई पहलुओं पर रिसर्च जारी है।
जीबी पंत अस्पताल में नहीं मिली थी सफलता
दिल्ली सरकार के जीबी पंत अस्पताल में कुछ साल पहले दो सजीव लिवर प्रत्यारोपण (लाइव लीवर ट्रांसप्लांट) की कोशिश की गई थी, लेकिन डॉक्टरों को सफलता नहीं मिल पाई थी।
सफलता न मिलने के चलते बाद में जीबी पंत अस्पताल प्रबंधन ने सजीव लिवर प्रत्यारोपण को बंद कर दिया । दिल्ली में फिलहाल आईएलबीएस अस्पताल में लाइव लीवर ट्रांसप्लांट किया जाता है।
हालांकि इलाज महंगा होने के चलते लाइव लीवर ट्रांसप्लांट आम आदमी की पहुंच से बाहर है। बता दें कि सरकार ने लिवर के बढ़ते मरीजों को देखते हुए एम्स में 465 बिस्तर को डीजेस्टिव डिसीज सेंटर बनाने को अनुमति दी है।