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सीआईएसएफ स्थापना दिवस कार्यक्रम: पीएम मोदी बोले- हम अनंत काल तक पीड़ित नहीं रह सकते
Sun, 10 Mar 2019 08:17 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क/ भाषा, दिल्ली
न्यूज डेस्क/ भाषा, दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sun, 10 Mar 2019 08:17 AM IST
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सीआईएसएफ कैंप पहुंचे पीएम मोदी
- फोटो : ANI
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को निशाना बना रहे आतंकवादी ताकतों को कड़ी चेतावनी देते हुये कहा कि देश हमेशा पीड़ित नहीं रह सकता। पुलवामा और उरी में हुए आतंकवादी हमलों का हवाला देते हुये उन्होंने कहा, ‘बहुत हो गया।’ उन्होंने कहा, ‘हम अनंत काल तक पीड़ित नहीं रह सकते।'
केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के 50वें स्थापना दिवस समारोह के मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश दुश्मन पड़ोसी का सामना कर रहा हो और सीमा पार से देश के भीतर हो रहे षड्यंत्रों को शह मिल रहा हो, तो ऐसे में सीआईएसएफ जैसे सुरक्षा बलों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो जाती है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जब पड़ोसी बहुत शत्रुतापूर्ण हो और युद्ध लड़ने की क्षमता नहीं रखता हो और सीमा पार से देश में पड्यंत्र कर रहे तत्वों को शह मिल रहा हो और इस तरह की मुश्किल परिस्थितियों में जब आतंक का भयावह चित्र सामने आए, तब देश और संस्थानों की सुरक्षा (सुनिश्चित करना) बहुत चुनौतीपूर्ण होता है।’
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मोदी ने यह भी कहा कि वीआईपी संस्कृति कभी-कभी सुरक्षा संरचना में अवरोध पैदा करती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार को कभी-कभी कुछ फैसले पड़ते हैं, इसलिए कुछ मजबूत कदम उठाए।
सीआईएसएफ को बधाई देते हुये प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि व्यक्ति की सुरक्षा करना आसान है लेकिन संस्थान की सुरक्षा करना मुश्किल है जहां रोजाना करीब 30 लाख लोग आते हैं।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के पथ संचलन की सलामी भी ली। पीएम ने यहां छह अधिकारियों और एक जवान को सम्मानित भी किया।
पीएम मोदी ने कहा कि देश की सुरक्षा और संसाधनों की रक्षा करने का काम बेहद मुश्किल काम है, लेकिन आपके शानदार प्रदर्शन के लिए मैं आपको बधाई देता हूं। परेड के शानदार प्रदर्शन के लिए मैं आपको बधाई देता हूं। उन्होंने पुलिस पदक और राष्ट्रपति पदक जीता है वह भी बधाई के पात्र हैं। नए भारत की नई और आधुनिक व्यवस्थाओं को सुरक्षित रखने में आपने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पीएम मोदी ने सीआईएसएफ को स्वण जयंती के अवसर पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ ने देश के संसाधनों की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहा है। सीआईएसएफ स्वतंत्र भारत के सोच की पैदाइश है। 50 साल तक लगातार हजारों लोगों ने आवश्यक्ताओं के अनुसार इसे विकसित किया है।
पीएम ने कहा कि यदि मैं इस समारोह में नहीं आता तो काफी कुछ गवां देता। इस अवसर पर पीएम ने कहा कि किसी एक व्यक्ति की रक्षा करना बहुत आसान है लेकिन किसी ऐसे इंस्टीट्यूशन की रक्षा करना मुश्किल हैं क्योंकि यहां हर चेहरा नया होता है। जहां लाखों लोग आते-जाते हैं। सबके व्यवहार अलग होता है।
उन्होंने एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वीआईपी कल्चर कभी-कभी सुरक्षा के लिए खतरा हो जाता है। अगर नागरिक सुरक्षाबलों से सहयोग करें तो यह काम आसान हो जाता है। सीआईएसएफ में बाकी सभी केन्द्रीय बलों की तुलना में बेटियों की संख्या सबसे ज्यादा है। सुरक्षा और सेवा के जिस भाव के साथ सीआईएसएफ काम कर रहा है वह सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि आपदा के समय भी सीआईएसएफ का काम बहुत सराहनीय रहा है। केरल में आई बाढ़ में सीआईएसएफ के द्वारा की गई सेवा और सहायता को सराहा गया। सीआईएसएफ ने नेपाल और हैती में भी आपदा के समय राहत और बचाव कार्य को किया है। जिसकी पूरी दुनिया में सराहना की गई।
पीएम ने शहीद हुए सीआईएसएफ कर्मियों को याद करते हुए कहा कि उनके सर्वोच्च त्याग के कारण ही हम यहां सुरक्षित हैं। अर्धसैनिक बलों और पुलिसकर्मियों की शहादत को याद करने के लिए पुलिस मेमोरियल की स्थापना की जाएगी।
कल पीएम की फ्लीट निकालकर किया गया था पूर्वाभ्यास
पीएम के कार्यक्रम को लेकर एसपीजी ने दो दिन से कार्यक्रम स्थल पर डेरा डाला हुआ है। शनिवार को तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। शनिवार को एसपीजी के अधिकारी, एसएसपी उपेंद्र अग्रवाल, समेत सीआईएसएफ के अधिकारियों ने सुरक्षा का जायजा लिया था। शाम को पीएम की फ्लीट निकालकर रिहर्सल की गई थी।
पुलिस, एसपीजी और सीआईएसएफ रही मुस्तैद
पीएम के कार्यक्रम में एसपीजी के साथ 1000 पुलिस कर्मियों और सीआईएसएफ के करीब 12 सौ जवानों को तैनात किया गया था। हाईराइज बिल्डिंगों पर भी स्नाइपर तैनात रहें। बिना पास और आईडी के किसी को भी प्रवेश नहीं करने दिया गया।
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केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के 50वें स्थापना दिवस समारोह के मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश दुश्मन पड़ोसी का सामना कर रहा हो और सीमा पार से देश के भीतर हो रहे षड्यंत्रों को शह मिल रहा हो, तो ऐसे में सीआईएसएफ जैसे सुरक्षा बलों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो जाती है।
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प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जब पड़ोसी बहुत शत्रुतापूर्ण हो और युद्ध लड़ने की क्षमता नहीं रखता हो और सीमा पार से देश में पड्यंत्र कर रहे तत्वों को शह मिल रहा हो और इस तरह की मुश्किल परिस्थितियों में जब आतंक का भयावह चित्र सामने आए, तब देश और संस्थानों की सुरक्षा (सुनिश्चित करना) बहुत चुनौतीपूर्ण होता है।’
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मोदी ने यह भी कहा कि वीआईपी संस्कृति कभी-कभी सुरक्षा संरचना में अवरोध पैदा करती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार को कभी-कभी कुछ फैसले पड़ते हैं, इसलिए कुछ मजबूत कदम उठाए।
सीआईएसएफ को बधाई देते हुये प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि व्यक्ति की सुरक्षा करना आसान है लेकिन संस्थान की सुरक्षा करना मुश्किल है जहां रोजाना करीब 30 लाख लोग आते हैं।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के पथ संचलन की सलामी भी ली। पीएम ने यहां छह अधिकारियों और एक जवान को सम्मानित भी किया।
पीएम मोदी ने कहा कि देश की सुरक्षा और संसाधनों की रक्षा करने का काम बेहद मुश्किल काम है, लेकिन आपके शानदार प्रदर्शन के लिए मैं आपको बधाई देता हूं। परेड के शानदार प्रदर्शन के लिए मैं आपको बधाई देता हूं। उन्होंने पुलिस पदक और राष्ट्रपति पदक जीता है वह भी बधाई के पात्र हैं। नए भारत की नई और आधुनिक व्यवस्थाओं को सुरक्षित रखने में आपने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पीएम मोदी ने सीआईएसएफ को स्वण जयंती के अवसर पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ ने देश के संसाधनों की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहा है। सीआईएसएफ स्वतंत्र भारत के सोच की पैदाइश है। 50 साल तक लगातार हजारों लोगों ने आवश्यक्ताओं के अनुसार इसे विकसित किया है।
पीएम ने कहा कि यदि मैं इस समारोह में नहीं आता तो काफी कुछ गवां देता। इस अवसर पर पीएम ने कहा कि किसी एक व्यक्ति की रक्षा करना बहुत आसान है लेकिन किसी ऐसे इंस्टीट्यूशन की रक्षा करना मुश्किल हैं क्योंकि यहां हर चेहरा नया होता है। जहां लाखों लोग आते-जाते हैं। सबके व्यवहार अलग होता है।
उन्होंने एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वीआईपी कल्चर कभी-कभी सुरक्षा के लिए खतरा हो जाता है। अगर नागरिक सुरक्षाबलों से सहयोग करें तो यह काम आसान हो जाता है। सीआईएसएफ में बाकी सभी केन्द्रीय बलों की तुलना में बेटियों की संख्या सबसे ज्यादा है। सुरक्षा और सेवा के जिस भाव के साथ सीआईएसएफ काम कर रहा है वह सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि आपदा के समय भी सीआईएसएफ का काम बहुत सराहनीय रहा है। केरल में आई बाढ़ में सीआईएसएफ के द्वारा की गई सेवा और सहायता को सराहा गया। सीआईएसएफ ने नेपाल और हैती में भी आपदा के समय राहत और बचाव कार्य को किया है। जिसकी पूरी दुनिया में सराहना की गई।
पीएम ने शहीद हुए सीआईएसएफ कर्मियों को याद करते हुए कहा कि उनके सर्वोच्च त्याग के कारण ही हम यहां सुरक्षित हैं। अर्धसैनिक बलों और पुलिसकर्मियों की शहादत को याद करने के लिए पुलिस मेमोरियल की स्थापना की जाएगी।
कल पीएम की फ्लीट निकालकर किया गया था पूर्वाभ्यास
पीएम के कार्यक्रम को लेकर एसपीजी ने दो दिन से कार्यक्रम स्थल पर डेरा डाला हुआ है। शनिवार को तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। शनिवार को एसपीजी के अधिकारी, एसएसपी उपेंद्र अग्रवाल, समेत सीआईएसएफ के अधिकारियों ने सुरक्षा का जायजा लिया था। शाम को पीएम की फ्लीट निकालकर रिहर्सल की गई थी।
Prime Minister Narendra Modi attends the 50th Raising Day of Central Industrial Security Force in Ghaziabad. pic.twitter.com/tpfXYdnBxx
— ANI (@ANI) March 10, 2019
पुलिस, एसपीजी और सीआईएसएफ रही मुस्तैद
पीएम के कार्यक्रम में एसपीजी के साथ 1000 पुलिस कर्मियों और सीआईएसएफ के करीब 12 सौ जवानों को तैनात किया गया था। हाईराइज बिल्डिंगों पर भी स्नाइपर तैनात रहें। बिना पास और आईडी के किसी को भी प्रवेश नहीं करने दिया गया।
Prime Minister Narendra Modi attends the 50th Raising Day of Central Industrial Security Force in Delhi. pic.twitter.com/gcUReg4BLm
— ANI (@ANI) March 10, 2019