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हाईवे किनारे शराब बंदी से 1000 करोड़ का होगा नुकसान, व्यापारियों की उड़ी नींद

Thu, 06 Apr 2017 03:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम Updated Thu, 06 Apr 2017 03:05 PM IST
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liquor ban can harm 1000 crore in gurugram businessmen requested government for way

राष्ट्रीय राजमार्ग के 500 मीटर और स्टेट हाईवे के 220 मीटर के दायरे में शराबबंदी से साइबर सिटी के होटलों को 500 करोड़ से अधिक का वार्षिक नुकसान होने की संभावना है।

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यदि इसमें पब-बार के कारोबार को शामिल कर दिया जाए, तो यह 900-1000 करोड़ का वार्षिक नुकसान होगा। जबकि शराबबंदी से राज्य सरकार को राजस्व में 1000 करोड़ का नुकसान होगा। होटल एंड रेस्टोरेंट के विभिन्न एसोसिएशन द्वारा प्राथमिक तौर पर यह अनुमान लगाया गया है।
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दरअसल, हरियाणा में सबसे अधिक शराब का कारोबार गुरुग्राम में है। पूरे प्रदेश का 40 फीसदी से अधिक राजस्व यहां से जाता है। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग और स्टेट हाईवे के किनारे चलने वाले सभी तीन से पांच सितारा होटलों के पब-बार का बड़ा योगदान होता है।

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शराब राजस्व में गुरुग्राम का बड़ा योगदान

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नई आबकारी नीति में हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम में 20 फीसदी अधिक फीस रखी थी। जिससे अब नई नीति के तहत सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सरकार को अधिक नुकसान होगा।

होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि बार तो शिफ्ट किया जा सकता है, लेकिन होटल को शिफ्ट करना संभव नहीं है। होटल कहीं और पब-बार कहीं और नहीं चला सकते हैं। होटल में आने वाले ग्राहक और पब-बार का सीधा संबंध है।

वहीं, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हाईवे किनारे होटलों में चलने वाले सभी पब-बार बंद हो गए हैं, जबकि तीन से पांच सितारा होटलों की आमदनी का बड़ा जरिया वहां परोसी जाने वाली शराब है।

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एक होटल के पदाधिकारी का कहना है कि व्यक्तिगत तौर पर देखें तो फैसला सही है, लेकिन व्यावसायिक तौर पर बड़ा नुकसान है। तीन से पांच सितारा होटलों में आने वाले ग्राहक रहने से साथ शराब लेना पसंद करते हैं। कॉरपोरेट पार्टियां होती हैं।

विदेशी डेलीगेट आते हैं, जिनके मेन्यू में शराब शामिल होता है। शराब नहीं होने पर इस तरह के आयोजन बंद हो जाएंगे। वह कहीं और अपना आयोजन स्थल तलाशेंगेे। जिससे होटल कारोबार को अधिक नुकसान होगा।

होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ हरियाणा के अध्यक्ष मनबीर चौधरी कहते हैं कि इससे बड़ी संख्या में शराब की दुकानें बंद होंगी। इससे उपभोग में कमी आएगी। जिससे होटलों के साथ सरकार को भी राजस्व में घाटा होगा।

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अधिकांश बड़े पांच सितारा होटल हाईवे के किनारे हैं, जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के जद में है। इसके लिए प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार से रास्ता निकालने की गुहार लगाई जाएगी।

हरियाणा को शराब से बीते वर्ष 19,703 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी। इस वर्ष आबकारी नीति में संशोधन करते हुए शराब लाइसेंस शुल्क में 15-18 लाख रुपये का इजाफा कर दिया है।

इसके अलावा 2017-18 नई एक्साइज पॉलिसी के तहत एल-1 बीएफ लाइसेंस का प्रावधान बनाया गया है। जिसमें लाइसेंस की रिजर्व फीस ही 50 करोड़ रखी गई है।

कुछ जरूरी बातें

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प्रदेश के अन्य जिलों के मुकाबले नई नीति में गुरुग्राम में 20 फीसदी अधिक फीस रखी गई है। जिससे यहां प्रति पैग शराब पीना महंगा हो गया था। अब हाईवे किनारे शराब बंदी से सरकार को वार्षिक 1000 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। 

-जिले में 20 बड़े होटल आते हैं हाईवे किनारे।
-अकेले साइबर हब में 40 पब-बार।
-143 पब-बार हो रहे हैं फैसले से प्रभावित।

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