फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   life of juvenile rapist in 2012 New Delhi.

ऐसे जिंदगी बिता रहा दिल्ली गैंगरेप का नाबालिग दोषी

Tue, 02 Sep 2014 06:09 PM IST
Updated Tue, 02 Sep 2014 06:09 PM IST
विज्ञापन
life of juvenile rapist in 2012 New Delhi.

20 महीने पहले एक नाबालिग लड़का अपने पांच बालिग साथिओं के साथ दिल दहलाने वाले गैंगरेप मामले में दोषी साबित किया गया।

विज्ञापन


दिल्ली गैंगरेप की इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया। महिला सुरक्षा को लेकर सरकार को अपनी नियती ही नहीं नीति में भी बदलाव करना पड़ा। क्या आप जानते हैं कि वह नाबालिग लड़का अब क्या करता है?

दोषी साबित होने के बाद इस लड़के को तीन साल के लिए बाल सुधार गृह भेज दिया गया। आजकल वह अपने कमरे में पेंटिंग करते हुए अपना समय बिताता है।

अपनी सबसे नई पेटिंग को उसने नाम दिया है 'द प्रिंसेस'। इस पेटिंग में एक युवा लड़की पीली साड़ी में खुद को एक खूबसूरत दर्पण में निहार रही है।

उसने और भी पेंटिंग बनाई हैं जिसका विषय भी महिलाएं हैं। उसकी एक कृति में कई महिलाएं सामूहिक नृत्य करती हुई देखी जा सकती हैं। इन सभी महिलाओं ने साड़ी पहन रखी है। उसने और भी कई पेंटिंग बनाई हैं जिसमें ऊंट, चिड़ियों और उनके घोसलों को देखा जा सकता है। उसकी सारी रचनाओं को आर्ट रूम की क्लास में टांगा गया है।
विज्ञापन


साभार : washingtonpost.com
विज्ञापन
विज्ञापन

गणित के साथ वॉलिबॉल में है रूचि

life of juvenile rapist in 2012 New Delhi.

इतना ही नहीं इसी महीने उसकी एक पेंटिंग ने पुरस्कार भी जीता है। जुवेनाइल करेक्‍शन होम के सुपरिटेंडेंट राजीव लाकरा का कहना है कि पुरस्कार लेने के लिए वह बेहद उत्साहित है। अगर उसके व्यवहार में बदलाव आता है तो बाहर की दुनिया जरूर उसे स्वीकार करेगी। हम इसी उम्मीद से काम कर रहे हैं।

कला को नाबालिग अपराधियों की मनःस्थिती बदलने का महत्वपूर्ण साधन माना जाता है। हालांकि वह कुकिंग क्लास भी करता है। इसके अलावा सिलाई-कढ़ाई के काम के साथ वह गणित और सदाचार के क्लासेज में भी भाग लेता है। उसे वॉलिबॉल खेलना पसंद है।

उसकी देखभाल करने वाली मनोचिकित्सक सुची गोयल का कहना है कि उसमें अब गुस्से का कोई अंश मौजूद नहीं है। वह पूरी कोशिश कर रहा कि लोगा उसे स्वीकार करें।

इस सच्चाई से अलग बाहर की दुनिया में उसकी तस्वीर कुछ और ही है। माना जाता है कि 16 दिसंबर 2012 की रात हुई उस घटना में जिन छह लोगों ने लड़की के साथ घृणित काम किया उसमें सबसे ज्यादा हिस्सेदारी इस नाबालिगा की ही थी।

यही कारण है कि लोगों ने यह मांग की कि उसे किसी नाबालिग की तरह नहीं बल्कि एक अपराधी की तरह देखा जाना चाहिए। भारतीय कानून के मु‌ताबिक किसी नाबालिग अपराधी को ‌अधिक से ‌अधिक तीन साल की सजा दी जा सकती है।

भागने के प्रयास में हुआ गिरफ्तार

life of juvenile rapist in 2012 New Delhi.

कानून के मुताबिक सजा के दौरान नाबालिग अपराधी को सुधार गृह में रखा जाता है। 16 दिसंबर को हुई इस घटना के समय इस नाबालिग की उम्र 18 साल से महज छह महीने कम थी।

गैंगरेप के पांच दिन बाद भागने के प्रयास के दौरान उसे एक बस स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। हालांकि उसकी सुनवाई अन्य आरोपी के साथ नहीं बल्कि अलग से हुई।

इस केस के बाद भारत सरकार ने कठोर अपराधों से संबंधित कानून में नाबालिग की उम्र सीमा 18 से घटाकर 16 करने का एक बिल संसद में पेश किया।

इन सबके बावजूद नाबालिगों द्वारा किए जा रहे अपराध में कोई कमी नहीं आई है। जहां 2012 में ऐसे अपराधों की संख्या 1175 थी, वहीं 2013 में यह संख्या बढ़कर 1884 हो गई। अकेले दिल्ली में इस तरह के अपराधों की संख्या 63 से बढ़कर 163 हो गई।

नाम पड़ा '16 दिसंबर वाला लड़का'

life of juvenile rapist in 2012 New Delhi.

शुरुआत में जब इसे सुधार गृह में लाया गया तो अन्य नाबालिगों ने इसे स्वीकार करने से मना कर दिया। सभी इसे '16दिसंबर वाला लड़का' कह कर बुलाते ‌थे। सुधार गृह के प्रयासों के बाद उसे चिढ़ाने वाली बातें धीरे-धीरे कम होने लगीं।

अभी हाल ही में हुए एक धार्मिक त्यौहार के दौरान जब अन्य लड़कों ने व्रत रखा तो उसने अपना समय संगीत सुनने, टीवी देखने और फिल्म देखते हुए बिताया।

उसे कबूतरों से बेहद लगाव है। सुधार घर में उड़ने वाले कई कबूतरों को तो वह पहचानता भी है। इसके साथ ही वह अंग्रेजी बोलने का भी अभ्यास करता है। उसमें काफी सुधार भी आया है। अंग्रेजी के कई छोटे वाक्यों को वह बोलने भी लगा है।

पुलिस के मुताबिक आठ साल पहले ही गरीबी की वजह से उसे अपना गांव छोड़ दिल्ली आना पड़ा था। यहां वह होटलों में बर्तन साफ करने से लेकर बसों की धुलाई तक का काम किया करता था। इसी दौरान उसकी दोस्ती अपने से बड़े लोगों से हुई।

घटना वाली रात वह इन्हीं लोगों के साथ था। इन लोगों के साथ उसने शराब पी और उस भयानक वारदात को अंजाम दिया। उसकी रिहाई के दिन नजदीक आ रहे हैं। देखना होगा कि रिहाई के बाद उसकी जिंदगी किस ओर रूख करती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed