गैंग रेप के सबसे क्रूर नाबालिग की बदल गई जिंदगी
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वसंत विहार गैंग रेप मामले में सर्वाधिक क्रूरता बरतने वाला नाबालिग बाल सुधार गृह में खुद को सुधारने की प्रक्रिया में शामिल होकर चित्रकारी में दिलचस्पी ले रहा है।
सुधार गृह के अधिकारियों का कहना है कि बाल सुधार गृह में दो वर्ष में उसने कभी किसी को शिकायत का मौका नहीं दिया। सुधार गृह आने के बाद से ही उसका चेहरा भाव शून्य है।
नाबालिग होने के चलते उसे दोषी पाए जाने पर बाल सुधार गृह में तीन साल के लिए भेजा गया लेकिन यहां एक साल के भीतर उसने अपने आप को पूरी तरह से बदल लिया। बाल सुधार गृह के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक नाबालिग खाना बनाने और पेंटिंग करने में रुचि दिखा रहा है।
कैंची की वजह से नहीं सीख सका सिलाई
हालांकि सूत्र बताते हैं कि मूलत: बदायूं का रहने वाला नाबालिग शुरुआत में सिलाई का काम सीखना चाहता था, लेकिन इस काम में कैंची और अन्य चीजों के उपयोग होने की वजह से उसे ऐसा काम नहीं दिया गया।
अधिकारी बताते हैं कि वह अकसर दो तरह की पेंटिंग बनाता है। वह पर्यावरण से संबंधित जिसमें पेड़ पौधे, फूल, जानवर और पक्षी शामिल हैं के चित्रों को कागज पर उकेरता है। वहीं दूसरी ओर वह अक्सर भाव शून्य चेहरे की तस्वीर भी बनाता है।
सूत्रों के मुताबिक दोषी नाबालिग को पढ़ने में रुचि नहीं है। वह हिंदी और अंग्रेजी में अपना नाम लिख लेता है। हालांकि वह अपने तीन अन्य नाबालिग साथियों के साथ दोपहर 12:30 बजे से 2 बजे तक पढ़ाई करता है। लेकिन उसकी रुचि खाना बनाने में ज्यादा है।