फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Life imprisonment to all three accused in Ankit Saxena murder case

Ankit Saxena Murder Case: अंकित की मां फैसले से खुश नहीं, हाईकोर्ट का करेंगी रुख; तीन दोषियों को मिली उम्रकैद

Fri, 08 Mar 2024 02:00 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Fri, 08 Mar 2024 02:00 PM IST
सार

अदालत की ओर से उनके बेटे की दिन दहाड़े हत्या के मामले में तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने पर कहा कि वह अपने बेटे के हत्यारों के लिए मौत की सजा से कम कुछ भी नहीं चाहती।

विज्ञापन
Life imprisonment to all three accused in Ankit Saxena murder case
अंकित सक्सेना (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तीस हजारी अदालत ने बृहस्पतिवार को अंकित सक्सेना हत्याकांड के तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अंतर धार्मिक प्रेम संबंधों के कारण फरवरी, 2018 में फोटोग्राफर अंकित सक्सेना की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी।

विज्ञापन


तीस हजारी कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार शर्मा ने इस मामले में अभियोजन पक्ष व अभियुक्तों की दलीलें सुनने के बाद दो मार्च को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। पिछले साल 23 दिसंबर को अदालत ने सक्सेना की प्रेमिका शहजादी के माता-पिता अकबर अली और शहनाज बेगम तथा मामा मोहम्मद सलीम को इस मामले में दोषी ठहराया था। ये तीनों सक्सेना और शहजादी के रिश्ते के खिलाफ थे। इसी वजह से उन्होंने पश्चिमी दिल्ली के ख्याला इलाके में चाकू से ताबड़तोड़ वारकर सक्सेना की हत्या कर दी थी। इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 34 (सामान्य इरादा) के तहत आरोप तय किए गए थे। शहनाज बेगम को भी जानबूझकर चोट पहुंचाने के अपराध का दोषी ठहराया गया था।
विज्ञापन


अंकित की मां फैसले से खुश नहीं, हाईकोर्ट का रुख करेंगी
अंकित हत्याकांड मामले में तीस हजारी अदालत के फैसले से उनकी मां संतुष्ट नहीं है। बेटे को उचित न्याय दिलाने के लिए अब वह उच्च न्यायालय का रुख करेंगी। अंकित सक्सेना की मां ने बृहस्पतिवार को अदालत की ओर से उनके बेटे की दिन दहाड़े हत्या के मामले में तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने पर कहा कि वह अपने बेटे के हत्यारों के लिए मौत की सजा से कम कुछ भी नहीं चाहती थी। सब कुछ खो दिया है, लेकिन वे सलाखों के पीछे भी अपने जीवन का आनंद ले रहे हैं। उन्हें कोई पछतावा नहीं है। सजायाफ्ता कैदी को फांसी दिए जाने के बाद ही उन्हें न्याय मिलेगा। कमलेश ने कहा कि वह अदालत के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने उच्च न्यायालयों में मामला बढ़ाने पर कहा कि निश्चित रूप से वह उच्च न्यायालयों में जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


दोषियों पर लगाए गए जुर्माने के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि जुर्माना राशि भी बहुत कम है। यही नहीं मुआवजे की राशि भी भी बहुत कम है। उन्होंने कहा कि बेटा पैसे से नहीं आने वाला है। तीस हजारी अदालत ने सक्सेना की प्रेमिका शहजादी के माता-पिता अकबर अली और शहनाज बेगम और मामा मोहम्मद सलीम को उम्रकैद की सजा सुनाई और उन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed