कई दिन व्हाट्सएप पर घूमता रहा शव, बहन के पास पहुंचा फोटो तो खुला राज, डेढ़ साल बाद ऐसे मिला इंसाफ
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इस हत्याकांड की कहानी एक मकड़जाल की तरह है। जिसमें महिला के शव की फोटो कई दिनों तक व्हाट्सएप पर घूमता रहा। इस वायरल फोटो को देखकर मृतक की बहन ने फोटो पहचान और मामला दर्ज हुआ। डेढ़ साल बाद अपर जिला न्यायाधीश-3 की अदालत ने शनिवार को लिव-इन-रिलेशनशिप पार्टनर की हत्या करने वाले युवक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायाधीश सुनील कुमार की अदालत ने अभियुक्त पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संदीप डबास ने बताया कि 13 मार्च 2017 को लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र के उत्तरांचल कॉलोनी में एक महिला की गला रेता हुआ शव मिला था। मुकदमा अज्ञात में दर्ज हुआ था। शव मिलने के अगले दिन सकीना नामक की एक युवती थाने पहुंची और कहा कि व्हाट्सएप पर उसने अपनी बहन के शव की फोटो देखी है।
मुन्नी का धर्म परिवर्तन करा दिया
इस तरह महिला के शव की शिनाख्त मुन्नी उर्फ गीता के रूप में हुई। सकीना ने बताया कि मुन्नी की पहली शादी अब्दुल खान नाम के युवक से हुई थी। उसे एक बच्चा हुआ। कुछ दिन बाद मुन्नी का तलाक हो गया। इसके बाद कालू नामक व्यक्ति से शादी हुई। उससे भी मुन्नी को एक बच्चा हुआ। कुछ दिन बाद मुन्नी के पति की मौत हो गई।
इसके बाद मुन्नी उत्तरांचल कॉलोनी निवासी सनी के साथ लिव-इन में रहने लगी। आरोप है कि सनी और उसके दोस्त अमित ने इस बीच मुन्नी का धर्म परिवर्तन करा दिया था और उसका नाम गीता रख दिया था। दोनों ने मुन्नी का गला रेतकर हत्या कर दी। सकीना की शिकायत के आधार पर पुलिस ने सनी को गिरफ्तार किया।
करीब तीन महीने बाद अमित को गिरफ्तार किया गया। मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सबूत और 12 गवाहों के बयानों के आधार पर सनी को बुधवार को दोषी करार दिया था। शनिवार को दोनों पक्षों की वकीलों की बहस के बाद अदालत ने सजा सुनाई। अभियुक्त को कड़ी सुरक्षा में डासना जेल भेज दिया।